चैंबर चुनाव से पहले ही सबसे मजबूत पैनल व्यापारी एकता पैनल में ही फूट नजर आने लगी है। इसी पैनल से कई बार उपाध्यक्ष का चुनाव जीत चुके राजेंद्र जग्गी ने इस बार अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है। एकता पैनल से उम्मीदवार नहीं बनाने पर वे मंत्री प्रमोद जैन के साथ नया पैनल बना सकते हैं। ऐसे में प्रमोद महामंत्री का चुनाव लड़ेंगे। जग्गी प्रदेश कांग्रेस व्यापार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष भी हैं और अगर वे तथा प्रमोद चुनाव मैदान में अलग आते हैं तो चैंबर चुनाव में भाजपा और कांग्रेस की राजनीति हावी हो जाएगी। इसकी वजह ये है कि इसी पैनल के प्रमुख श्रीचंद सुंदरानी अभी भाजपा के जिलाध्यक्ष हैं।
एकता पैनल से पिछली बार उपाध्यक्ष रहे चंदर विधानी, भरत बजाज, राजेंद्र जग्गी, दीपचंद कोटडिया समेत कई ने चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया है। चुनाव नहीं लड़ने की स्थिति में वे प्रचार-प्रसार से भी दूर रह सकते हैं। इसका सीधा खामियाजा एकता पैनल को उठाना होगा। एकता पैनल से पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के भाई योगेश अग्रवाल ने भी दावेदारी तेज कर दी है। उनके साथ श्रीचंद और ललित जैसिंघ की सोमवार को बैठक भी हुई और योगेश को महामंत्री पद का आफर देने की सूचना है। हालांकि यह भी बताया गया कि बात आगे नहीं बढ़ी है।
चुनाव के लिए बनाए जोन फिर भी फोकस जिलों पर
इधर, चुनावी तैयारियों को लेकर प्रभारी शिवराज भंसाली ने भी बैठकें तेज कर दी हैं। उन्होंने सोमवार को प्रभारियों की बैठक लेकर छत्तीसगढ़ को कई जोन में बांट दिया है। इस बार जिलों में ही वोटिंग कराने पर फोकस किया जा रहा है। फिलहाल चुनाव के लिए संभावित तारीख 25 दिसंबर या 5 जनवरी तय की जा सकती है।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/before-the-campaign-intensified-the-chambers-powerful-unity-panel-split-partying-started-127877436.html
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