फर्जी बिल और इनपुट टैक्स क्रेडिट से बड़ी टैक्स चोरी करने वाले कारोबारी अब सेंट्रल जीएसटी की टीम में निशाने पर हैं। 9 दिसंबर से शुरू हुए इस विशेष अभियान में अभी तक 210 करोड़ से ज्यादा की टैक्स वसूली के मामले पकड़े जा चुके हैं। इनमें चार बड़े कारोबारियों को गिरफ्तार भी किया गया है। इन छापों से 27 करोड़ की टैक्स वसूली की जा चुकी है। यानी यह रकम सरकारी खातों में जमा हो गई है। अफसरों ने साफ कर दिया है कि फर्जी बिल का धंधा करने वाले उनके खास निशाने पर हैं। इस वजह से यह कार्रवाई अभी और तेज की जाएगी।
डायरेक्टर जनरल आफ जीएसटी इंटेलिजेंस (डीजीजीआई) की टीम लगातार ऐसे रिटर्न पर निगरानी कर रही है जिनके पास करोड़ों का कारोबार हो रहा है, लेकिन टैक्स लाखों में भी जमा नहीं हो रही है। टीम के सदस्य ऐसी सभी कंपनियों की फील्ड में भी जाकर जांच कर रही है। टीम के अफसर आम आदमी बनकर निगरानी कर रहे हैं कि उनकी फैक्ट्रियों या उद्योगों में किस तरह का काम हो रहा है और रिटर्न में क्या दर्शाया जा रहा है। इसी तरह की पुख्ता जानकारी मिलने के बाद ही डीजीजीआई की टीम छापामार कार्रवाई कर रही है। अफसरों के पास ऐसे कई बड़े कारोबारियों की भी सूची है जिनके दफ्तर छोटे से कमरे में चल रहे हैं लेकिन उनका टर्नओवर करोड़ों में है। ऐसे दफ्तरों में भी जल्द छापे मारने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
टैक्स चोरी में होंगे खुलासे
डीजीजीआई के उपनिदेशक टिकेंद्र कुमार कृपाल ने बताया कि फर्जी तरीकों से इनपुट टैक्स क्रेडिट वापस पाने वाले कारोबारियों को यह रकम वापस कर देनी चाहिए। जांच में वे दोषी पाए गए तो बड़ी कार्रवाई तय है। अब तक चार लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
सूची तैयार, छापे होंगे तेज
"सभी तरह की जानकारी इकट्ठा करने के बाद ही छापामार अभियान तेज किया गया है। फर्जी कंपनियों, बोगस बिलों और नियमों के खिलाफ टैक्स वापसी लेने वाले कारोबारियों पर खास निगाहें हैं। ऐसे लोगों पर कार्रवाई भी तय है।"
-अजय पांडे, अतिरिक्त महानिदेशक
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/news/210-crore-tax-evasion-caught-in-a-month-4-arrested-in-gst-raid-128048580.html
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