दिल्ली और उसके आसपास लग्जरी गाड़ियों की चोरी करने वाले चर्चित मेरठ गिरोह का तार रायपुर से जुड़ गया है। गिरोह ने दिल्ली से चोरी हुई गाड़ियों को रायपुर में खपाया है। शहर के कुछ कारोबारियों ने गिरोह के सदस्यों से चोरी की कार खरीदी है। इसका खुलासा तब हुआ जब दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने शनिवार-रविवार को मोवा, कोटा और बैजनाथपारा में छापा मारा। पुलिस ने तीन लोगों के पास से दिल्ली में चोरी हुई गाड़ियां जब्त की हैं। दिल्ली पुलिस ने एसएसपी अजय यादव से संपर्क किया और गिरोह को पकड़ने के लिए मदद मांगी। एसएसपी यादव ने दिल्ली पुलिस की मदद के लिए साइबर सेल की टीम को लगाया। उसके बाद जांच शुरू कर की गई। पुलिस पड़ताल करते हुए तीन लोगों तक पहुंची जिन्होंने गिरोह से गाड़ी खरीदा है। पुलिस ने गाड़ियों जब्त कर ली हैं।
एसएसपी अजय यादव ने बताया कि मेरठ गिरोह अलग-अलग राज्यों में एक्सीडेंटल और कबाड़ में रखी गाड़ियां दस्तावेज समेत खरीदते हैं। फिर उन गाड़ियों की तरह दिखने वाली कारें चोरी करते हैं। कबाड़ की गाड़ियों का इंजन नंबर और चैचिस नंबर चोरी की कारों में प्रिंट करते हैं। फिर नंबर प्लेट भी कबाड़ वाली गाड़ी का लगाकर आसानी से दस्तावेज समेत सस्ते में बेचते हैं ताकि लोग तुरंत खरीद लें। इससे फायनेंस कंपनियां भी आसानी से कर्ज दे देती हैं। आरटीओ में भी रजिस्ट्रेशन हो जाता है। मेरठ गिरोह दिल्ली में चोरी की गई गाड़ियों को रायपुर, नागपुर और हैदराबाद में सबसे ज्यादा खपाते हैं। इन शहरों में पुरानी लग्जरी गाड़ियों की ज्यादा डिमांड है। यहां आधे दाम में लोग आसानी से गाड़ी खरीद लेते हैं। खड़ी खरीदने वाले सिर्फ चैचिस नंबर देखते हैं। इंजन नंबर समेत अन्य चीजों पर ध्यान नहीं देते हैं।
कई राज्यों में फैला हुआ चोरों का रैकेट
पुलिस ने बताया कि मेरठ गिरोह में कई गाड़ी मैकेनिक और ड्राइवर हैं। ये गिरोह ज्यादातर 15 लाख से ऊपर की गाड़ियों को चोरी करते हैं। गिरोह का रैकेट कई राज्यों में फैला हुआ है। कई बड़े कबाड़ी और आटोपार्ट्स कारोबारी भी चोर गिरोह से जुड़े हुए हैं। पुलिस को शक है कि इसमें कुछ चारपहिया शो रूम वाले भी शामिल हैं। रायपुर पुलिस ने भी इस दिशा में जांच शुरू कर दी है।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/news/meerut-gang-sold-in-raipur-after-theft-of-cars-in-delhi-3-detained-128035106.html
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