बुखार-सांस में तकलीफ जैसी शिकायत बढ़ने से दिवाली के बाद होम आइसोलेशन में कमी

कोरोना की दूसरी लहर में होम आइसोलेशन लेने वाले संक्रमितों की संख्या में अचानक कमी आ गई है। दिवाली के बाद से लेकर अब तक केवल 19955 मरीजों ने घर पर इलाज कराने की सहमति दी। 1 से 30 नवंबर तक 42 हजार मरीजों ने होम आइसोलेशन लिया, जबकि अक्टूबर में 56,666 कोरोना मरीजों ने घर में इलाज कराया था। इनमें सभी बिना व हल्के लक्षण वाले थे। सितंबर में 35 हजार से ज्यादा मरीजों का इलाज होम आइसोलेशन के जरिये किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार नवंबर में सर्दी, खांसी, बुखार व सांस लेने में तकलीफ वाले मरीज ज्यादा आ रहे हैं, इसलिए उनका इलाज अस्पताल में किया जा रहा है। होम आइसोलेशन से रिस्क हो सकता है, इसलिए मरीज भी अस्पताल में भर्ती होना चाह रहे हैं।
प्रदेश में 30 नवंबर तक 5 दिनों को छोड़कर 2000 से कम मरीज मिले हैं। हालांकि मौतों की संख्या बढ़ी है। होम आइसोलेशन में इलाज कराने वाले मरीजों की संख्या भी कम हुई है। अब जब कोरोना संक्रमण को लेकर लोग पहले की तुलना में ज्यादा अलर्ट हो चुके हैं। इलाज का सिस्टम भी बन गया है, उसके बाद भी होम आइसोलेशन क्यों कम हुए? इसका जवाब चौंकाने वाला है। डॉक्टरों का कहना है कि लक्षण वाले मरीज बढ़ गए हैं। इसलिए उनका इलाज घर के बजाय अस्पतालों में किया जा रहा है। उनका यह भी कहना है कि संक्रमित अपनी जांच देरी से करवा रहे हैं। देर होने के कारण उनमें लक्षण आ जाते हैं संक्रमण के शुरुआती दिनों में बुखार, सर्दी को लोग ठंड का सामान्य फ्लू समझकर जांच नहीं करवाते तकलीफ बढ़ने पर वे कोरोना टेस्ट के लिए तैयार होते हैं। तब तक बीमारी बढ़ चुकी होती है। इसलिए गंभीर मरीजों की संख्या बढ़ी है और मौत भी ज्यादा हो रही है। नवंबर के 27 दिनों में 650 से ज्यादा मौत हो चुकी है।

प्रदेश में कोरोना का पीक था 26 सितंबर, मरीज थे 3896
हेल्थ अफसरों को मुताबिक प्रदेश में कोरोना का पीक 26 सितंबर को था, जब 24 घंटे में राज्य में रिकार्ड 3,896 मरीज मिले थे। 17 सितंबर को 3,809 मरीज मिले थे। दोनों ही आंकड़े अब तक के सबसे ज्यादा मरीज मिलने के हैं, जबकि राजधानी में 17 सितंबर को 1109 कोरोना मरीज मिलने का रिकार्ड है। यह रायपुर के लिए पीक था, क्योंकि अभी तक इस आंकड़े से ज्यादा मरीज नहीं मिले हैं। सितंबर में प्रदेश में 35 हजार से ज्यादा मरीजों का इलाज घर में हुआ। तब रोजाना 3000 से ज्यादा मरीज मिल रहे थे, लेकिन लक्षण वाले मरीज कम मिल रहे थे। इसलिए अस्पतालों में केवल गंभीर लक्षण वाले मरीजों का इलाज किया जा रहा था।

होम आइसोलेशन 15 दिन में

तारीख प्रदेश रायपुर
14 नवंबर 712 06
15 नवंबर 579 102
16 नवंबर 1174 131
17 नवंबर 1358 328
18 नवंबर 1170 201
19 नवंबर 1177 288
20 नवंबर 1177 220
21 नवंबर 1109 376
22 नवंबर 829 122
23 नवंबर 1182 92
24 नवंबर 706 25
25 नवंबर - -
26 नवंबर 1447 182
27 नवंबर 1901 270
28 नवंबर 2107 362
29 नवंबर 1361 82
30 नवंबर 1586 362

"पिछले कुछ समय से सर्दी, खांसी, बुखार व सांस में तकलीफ के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। मरीज को दूसरी बीमारी होने से रिस्क बढ़ जाता है। फ्लू होने पर भी कोरोना जांच करवाने में समझदारी है।"
-डॉ. सुभाष पांडेय, मीडिया प्रभारी स्टेट कोरोना सेल

अगर तकलीफ है तो अस्पताल जाना ही बेहतर
"लक्षण वाले मरीज बढ़ गए हैं, इसलिए होम आइसोलेशन के बजाय लोग अस्पताल जाना चाह रहे हैं। यह सही भी है, क्योंकि अगर बुखार और सांस में तकलीफ है तो अस्पताल जाना ही बेहतर है।"
-डॉ. आरके पंडा, सदस्य कोरोना कोर कमेटी



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रायपुर में होम आइसोलेशन वाले घरों के बाहर लगा स्टीकर। (फाइल फोटो)


source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/news/reduction-in-home-isolation-after-diwali-due-to-increase-in-complaint-of-fever-shortness-of-breath-127969210.html

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