छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बुधवार को सेंट्रल जेल के कैदी जमा हुए। इन्हें कोरोना काल के दौरान सुरक्षा की वजह से पैरोल(छुट्टी) दी गई थी। लगभग डेढ़ हजार कैदी और विचाराधीन बंदियों को 5 महीनों के लिए पैरोल पर अपने घर भेजा गया है। एक जनवरी से इन्हें वापस जेलों में शिफ्ट करने की तैयारी है। इस बीच मध्य प्रदेश सरकार ने अपने राज्य में पैरोल पर गए बंदियों की छुट्टी को बढ़ाने का फैसला लिया है। यही वजह है कि अब रायपुर में भी पेरोल को बढ़ाए जाने की मांग कैदी कर रहे हैं।
अपनी इस मांग को लेकर बुधवार को कैदी परिजनों के साथ रायपुर प्रेस क्लब पहुंचे और यहां मीडिया के जरिए अपनी बात रखने की कोशिश की। बंदियों के परिजनों ने भी कहा कि जब मध्य प्रदेश सरकार पैरोल को बढ़ाने का फैसला कर सकती है कोविड के जोखिम को देखते हुए तो छत्तीसगढ़ की सरकार ऐसा क्यों नहीं कर रही । परिजनों ने कहा कि जेलों में क्षमता से अधिक बंदी रखे जाते हैं जिससे वहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर पाना मुमकिन नहीं। यही वजह है कि पहली बार बढ़ी तादाद में कैदियों और विचाराधीन बंदियों को पैरोल पर छोड़ा गया ताकि वह संक्रमण से बचें और उनकी वजह से दूसरे बंदियों में संक्रमण का खतरा ना बढ़े ऐसे में प्रदेश सरकार को भी पैरोल बढ़ाने को लेकर पहल करनी चाहिए।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/prisoners-seeking-to-increase-payroll-in-raipur-chhattisgarh-government-jail-128068628.html
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