राजधानी में रियल एस्टेट के कारोबार को राहत मिली है। कोरोना और लंबे लॉकडाउन के बावजूद अप्रैल से दिसंबर 2020 तक केवल रायपुर शहर में ही 237 करोड़ की रजिस्ट्री हुई है। पिछले साल दिसंबर तक 282 करोड़ की रजिस्ट्री हुई थी। उसके बाद लॉकडाउन लगने के कारण रजिस्ट्री न के बराबर हुई।
इस साल 2020-21 में राज्य सरकार ने रायपुर को 487 करोड़ के राजस्व का लक्ष्य दिया था। अभी आधे से भी कम राजस्व मिला है। इसके बावजूद स्थिति सामान्य होने के साथ ही रजिस्ट्री की संख्या बढ़ती जा रही है।
अफसरों का दावा है कि जनवरी से मार्च 2021 तक 200 करोड़ की रजिस्ट्री हो सकती है। रजिस्ट्री दफ्तर में कोरोना फैलने की वजह से भी लॉकडाउन खुलने के बाद भी दफ्तर कई हफ्तों तक बंद रहा। इसका असर भी जमीन-मकानों की रजिस्ट्री पर पड़ा है। पंजीयन विभाग के अनुसार पिछले साल दिसंबर में 50 करोड़ की रजिस्ट्री हुई थी। इस बार साल के आखिरी महीने में 33 करोड़ की रजिस्ट्री हुई है।
अभी केवल ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट वालों को ही रजिस्ट्री कराने के लिए टोकन जारी किए जा रहे हैं। इसका असर भी पंजीयन पर पड़ रहा है। हर दिन एक सीमित संख्या में ही यानी 125 से ज्यादा रजिस्ट्री नहीं की जा रही है।
ओपन टोकन जारी होने पर संख्या 200 से भी ज्यादा पहुंचने का अनुमान है। अफसरों के अनुसार कोरोना संक्रमितों की संख्या कम होने के बाद ही इस पर ढील दी जाएगी। नए साल की कलेक्टर गाइडलाइन में जमीन की कीमतें बढ़ सकती हैं।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/registry-of-237-crores-still-away-from-target-in-9-months-of-lockdown-128081748.html
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