एजुकेशन हब भिलाई अब आईटी हब की ओर कदम बढ़ा रहा है। कोरोना काल में स्टार्टअप से लेकर कई आईटी कंपनी बढ़ी है। भिलाई के युवा इंजीनियर देश ही नहीं विदेशों के लिए वेबसाइट, एप्स और सॉफ्टवेयर बना रहे हैं। जिससे अच्छा-खासा मुनाफा भी कमा रहे हैं। भिलाई एसटीपीआई होने से आईटी सेक्टर ने ग्रोथ भी किया है। भिलाई-दुर्ग में 20 से ज्यादा आईटी कंपनी है। आईटी कंपनियों ने अपने प्रोडक्शन में जबरदस्त तेजी दर्ज की है।
ट्विनसिटी की आईटी कंपनियों का सालाना टर्नओवर करोड़ों में
एसटीपीआई भिलाई के मुताबिक, प्रदेश में संचालित सॉफ्टवेयर इंडस्ट्रीज का टर्नओवर लगातार ग्रोथ कर रहा है। कोरोना काल की वजह से सबकुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आया, इसलिए आईटी कंपनियों के पास काम ज्यादा आया। बता दें कि, एसटीपीआई भिलाई से प्रदेश में तकरीबन 50 सॉफ्टवेयर इंडस्ट्रीज की संबद्धता है। भिलाई में 20 से अधिक यूनिट हैं। इसके बाद रायपुर, बिलासपुर में आईटी कंपनियां सक्रिय हैं।
आईटी ग्रोथ के पीछे ये भी बड़ी वजह...
सस्ता और बढ़िया क्वालिटी: प्रोडक्ट का रेट सॉफ्टवेयर यूनिट प्रोपराइटर तय करते हैं। जबकि, बेंगलुरू, पुणे व दिल्ली के सॉफ्टवेयर यूनिट में बनने वाले सॉफ्टवेयर व प्रोग्राम महंगा पड़ता है।
इनोवेशन पर फोकस: छग में जो सॉफ्टवेयर यूनिट संचालित है। वहां अन्य स्टेट के यूनिट के मुकाबले इनोवेशन ज्यादा हो रहे हैं। मोबाइल एप्लीकेशन, मोबाइल सॉफ्टवेयर, कंप्यूटर सॉफ्टवेयर में इनोवेशन हो रहे हैं।
सरकार ने की मदद: केंद्र व राज्य सरकार का फोकस आईटी सेक्टर पर है। इस सेक्टर में आने वाले उद्यमियों के लिए कई स्कीम चला रही है। स्टार्टअप इंडिया भी इसी में से एक है।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/bhilai/news/like-pune-bengaluru-it-bhilai-is-becoming-an-it-hub-making-apps-and-new-software-for-the-country-and-abroad-128073324.html
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