केरल से बढ़कर मानसून गुरुवार को तय समय से दो दिन पहले ही कर्नाटक पहुंच गया है। वहां के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में मानसून 6 जून तक पहुंचता है लेकिन यह 4 जून को ही सक्रिय हो गया। इससे छत्तीसगढ़ में भी मानसून तय समय यानी 10 जून तक पहुंचने की संभावना प्रबल हो गई है।
मानसून की गति सामान्य रही तो 7 से 8 जून को बस्तर में प्री-मानसून की बारिश भी शुरू हो जाएगी। मानसून के समय पर पहुंचने की उम्मीद और उससे पहले हो रही इस बारिश ने राज्य में कृषि कामों में भी तेजी ला दी है। किसानों ने खेतों की जुताई के बाद अब बुआई की तैयारियां शुरू कर दी है। महाराष्ट्र के पश्चिमी हिस्से से दाखिल होकर निसर्ग तूफान तबाही मचाकर अब कमजोर हो गया है। गुरुवार को यह पश्चिमी विदर्भ में अलोका के पास स्थित था। तूफान से छत्तीसगढ़ में भारी बारिश तो नहीं हुई लेकिन यह मौसम को पूरी तरह ठंडा करने में कामयाब रहा। उत्तर से लेकर दक्षिण-छत्तीसगढ़ में इस समय मानसून जैसी स्थिति है। पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों मेंभारी से हल्की बारिश हो गई। अधिकांश जगहों पर बादल और बूंदाबांदी से मौसम ठंडा रहा। रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर, दुर्ग, राजनांदगांव और जगदलपुर में दिन का तापमान 28 से 36 डिग्री के बीच पहुंच गया है।
सभी जगह तापमान सामान्य से चार से पांच डिग्री तक कम है। अंबिकापुर और पेंड्रारोड में पारा 28 और 29.6 डिग्री दर्ज किया गया। यहां तापमान नार्मल से 9-9 डिग्री तक कम रिकार्ड किया गया। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि 8 जून को पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के पूर्वी हिस्से में एक कम दबाव का क्षेत्र तैयार होगा। इस समय तक मानसून कर्नाटक और आंध्रप्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में सक्रिय हो जाएगा। खाड़ी में बनने वाले इस सिस्टम से मानसून को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी और छत्तीसगढ़ के दक्षिण और मध्य हिस्से तक उसका प्रभाव शुरू हो जाएगा। तब-तक प्रदेश के कुछ-कुछ हिस्सों मंे हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ती रहेंगी।
राज्य में कई जगह बारिश : बस्तर के बड़े राजपुर में पिछले 24 घंटे के दौरान 110 मिमी बारिश हो गई। पलारी, सरायपाली में 30-30, लाभांडी, बसना, पेंड्रारोड मंे 20, मानपुर, मरवाही, बस्तर, कांकेर, गुरुर, बिलासपुर, रायपुर, बलौदाबाजार, धमधा तथा कवर्धा आदि जगहों पर हल्की बारिश हुई। अगले 24 घंटे के दौरान राज्य में अंधड़ चलने, बिजली गिरने तथा हल्की बारिश होने की संभावना है। रायपुर में भी हल्के बादल रहेंगे। शाम-रात में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
मानसून को देखते हुए फसल की तैयारी शुरू
मानसून के तय समय पर छत्तीसगढ़ पहुंचने की संभावना को देखते हुए कृषि मौसम विभाग ने राज्यभर में किसानों को खरीफ फसलों के लिए तैयारियां शुरू करने का सुझाव दे दिया है। विभाग के एचओडी डा. जीके दास के अनुसार राज्य के मैदानी इलाकों में धान सहित अन्य खरीफ फसलों के लिए किसानों के पास चार से पांच दिन हैं। इस दौरान खेतों की जुताई इत्यादि कर लें। बुआई से पहले की तैयारियां पूरी कर ली जाए। कीट व्याधियों से रोकथाम सहनशील किस्में छत्तीसगढ़ राज्य कृषि व विकास निगम तथा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर में उपलब्ध हैं।
इन पर पौध रोगों व कीटों का असर कम होता है। इसलिए किसान अपने क्षेत्रों के अनुकूल किस्में चुन लें। फफूंद से रोकथाम के लिए बीजों को उपचारित कर लें। इसके बाद ही बोवाई में उपयोग करें। खेतों मंे उर्वरक खादों का ही प्रयोग करें। रासायनिक उर्वरक से मिट्टी की उपजाऊ क्षमता प्रभावित होती है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/strong-chance-of-reaching-monsoon-by-10-in-the-state-rains-will-start-from-8-in-many-cities-127376109.html
एक टिप्पणी भेजें