मंगलवार दोपहर शहर में प्री-मानसून मूसलाधार बारिश से तापमान 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरा। सुबह शुरुआत हल्की बदली और उमस से हुई। दोपहर 2.30 बजे काले बादलों से शाम जैसा अंधेरा छा गया। थोड़ी ही देर में तेज हवा के साथ बारिश शुरू हुई। लगभग 45 मिनट तक बादल जमकर बरसे। अंधेरा इतना था कि गाड़ियों की लाइट्स ऑन करनी पड़ी। दृश्यता 50 मीटर से भी कम रही। सड़कें दिख नहीं रही थीं। मौसम विभाग ने कहा, मानसून 15 जून तक आएगा और खूब बारिश होगी।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्री-मानसून इफेक्ट के कारण अब तापमान ज्यादा नहीं बढ़ेगा। उत्तर छत्तीसगढ़ में पिछले वर्ष की तरह बारिश का प्रतिशत ज्यादा रहेगा। 2019 में बारिश के पूरे सीजन में 118 प्रतिशत बारिश रिकार्ड की गई थी। यह बीते दो सालों की तुलना 35 प्रतिशत अधिक रहा। इस साल भी मौसमी तंत्र प्रभावी रहेगा। इससे क्षेत्र में इस बीच अच्छी बारिश का अनुमान है। मानसून समय पर आने से किसानों को भी शुरुआती चरण में ही बोनी और सही समय फसल की कटाई कर सकेंगे। कृषि विशेषज्ञ डॉ. एके सिंह समय पर बोनी और कटाई होने से उत्पादन अधिक होने की बात कह रहे हैं। बुधवार को भी मौसम का मिजाज ऐसा ही रहेगा।
सड़कों पर पानी भरा
45 मिनट तक रुक-रुक कर बारिश हुई। इससे शहर की अधिकांश सड़के जलमग्न हो गई। गोपी टॉकीज के सामने आधा फीट से ऊपर तक बारिश का पानी जमा हो गया। इसके अलावा इतवारी बाजार, बैकुंठपुर, कोष्टापारा रोड व रामलीला मैदान में भी बारिश का पानी जमा हो गया।
प्री मानसून इफेक्ट
"मानसून केरल पहुंच चुका है। 10 जून तक यह छत्तीसगढ़ में बस्तर पहुंचने का अनुमान है। इसके अगले तीन चार दिन के भीतर दिनों में यह बिलासपुर संभाग के अधिकांश हिस्सों में प्रभावी होगा। अभी जो बारिश हो रही है, वह प्री-मानसून इफेक्ट हैं।''
-डॉ एचपी चंद्रा, सहायक मौसम विशेषज्ञ, रायपुर
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raigarh/news/even-today-the-monsoon-is-expected-to-rain-127368420.html
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