पीलूराम साहू | रायपुर में कोरोना के 18 मरीज मिल चुके हैं, लेकिन इनमें एक को छोड़कर किसी ने अपने माता-पिता, परिजनों या संपर्क में आए लोगों को संक्रमित नहीं किया। विशेषज्ञाें के अनुसार वायरल लोड कम होने के कारण कोई भी मरीज निकट संबंधियों को भी संक्रमित नहीं कर पाया। यही नहीं ये मरीज छह से 16 दिनों में स्वस्थ हो गए थे। प्रदेश में अभी तक तीन लोगों की कोरोना से मौत हुई है। इनमें दो को कोई बीमारी नहीं थी जबकि एक मासूम को ब्लड कैंसर होने का दावा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर रहे हैं। रायपुर के बिरगांव से 37 वर्षीय युवक की मौत हुई थी।
रायपुर में कोरोना का पहला केस 18 मार्च को आया। तब से अब तक 79 दिन हो चुके हैं। इस औसत से 4.38 दिनों में एक मरीज मिला है। जितने में भी मरीज मिले हैं, उनके संपर्क में आने वाले लोगों के करीब 1440 सैंपल लिए गए। इनमें से एक की रिपोर्ट ही पाजिटिव थी, बाकी 1439 कोरोना संक्रमण से अछूते ही रहे। यही वजह है कि रायपुर में मरीजों की संख्या अब तक ज्यादा नहीं बढ़ी है। पिछले एक हफ्ते से ही कोरोना के रोजाना औसतन एक-दो मरीज मिले हैं।
विशेषज्ञों का दावा है कि रायपुर में मरीजों की सूचना मिलते ही एरिया को कंटनेमेंट जोन घोषित किया गया। मरीज के परिजनों के अलावा संपर्क में आए लोगों की तत्काल पड़ताल की गई। जिनका भी पाजिटिव निकला, उनके परिजन और संबंधी तुरंत क्वारेंटाइन कर दिए गए। इसलिए कोई किसी को संक्रमित नहीं कर पाया। जहां तक घर में ही पति, पत्नी, बच्चे या माता-पिता के संक्रमित नहीं होने की बात है, विशेषज्ञों का कहना है कि मरीजों के शरीर में वायरल लोड यानी वायरस की संख्या कम थी। इसलिए वे दूसरे को बीमार नहीं कर पाए।
अब तक राज... तीन लोगों को कोरोना मिला कहां से?
रामनगर के 68 वर्षीय बुजुर्ग, कुकुरबेड़ा का 23 वर्षीय व सड्डू का 27 वर्षीय युवक कोरोना से कैसे संक्रमित हुआ, किसी को पता नहीं चला। स्वास्थ्य विभाग भी हैरान है कि आखिर संक्रमण का सोर्स क्या रहा? हालांकि वे इसे कम्यूनिटी स्प्रेड का केस नहीं मानते। बुजुर्ग प्लास्टिक का सामान बेचने की दुकान चलाता है। वह घर से बाहर नहीं गया। न उनकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री थी। कुकुरबेड़ा का युवक कूलर मैकेनिक था। वह घूम-घूमकर कूलर बनाता था। सब्जी के लिए साइंस कॉलेज व रावणभाठा भी गया था। आशंका है कि वह वहीं संक्रमित हुआ होगा। सड्डू का युवक राजातालाब के एक होटल में काम करने के अलावा टाटीबंध चौक पर समोसा बेचता था। आशंका है कि प्रवासी मजदूरों के संपर्क में आने के कारण वह बीमार पड़ा होगा।
इन इलाकों में मिले मरीज
रायपुर के समता कॉलोनी, बैरनबाजार, रामनगर, देवेंद्रनगर, डीडीनगर, फाफाडीह, बिरगांव, सड्डू, कुकुरबेड़ा, अंबेडकर अस्पताल, एम्स, गुढ़ियारी, चंगोराभाठा, राजेंद्रनगर और राजेंद्रनगर।
इन मरीजों में कम वायरल लोड
"जितने भी मरीज मिले हैं, उनमें वायरल लोड कम होगा। इसलिए संपर्क में अाने वाले तो दूर, एक ही घर में रहनेवाले भी बचे रहे। सुरक्षा के उपाय तुरंत करने की वजह से बाकी लोग भी बच गए।"
-डॉ. अखिलेश त्रिपाठी, मीडिया प्रभारी कोरोना सेल
संक्रमितों के ठीक होने की दर घटकर 27 फीसदी
प्रदेश में कोरोना मरीजों की स्वस्थ होने की दर 90 से घटकर 27 फीसदी पर आ गई है। बुधवार को 40 मरीजों को स्वस्थ हाेने के बाद छुट्टी दी गई, इसलिए स्वस्थ होने की दर अचानक बढ़ गई। मंगलवार तक यह दर 23.29 फीसदी थी। यानी 24 घंटे में लगभग 4 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई। देश में कोरोना से स्वस्थ होने की दर 48 फीसदी है। प्रदेश में यह राष्ट्रीय दर से 21 फीसदी कम है। प्रदेश में अभी तक 76446 सैंपलों में 73706 रिपोर्ट नेगेटिव है। 628 मरीज मिल चुके हैं, जिनमें 170 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। अभी तक तीन लोगों बिरगांव के युवक, भिलाई की महिला व बिलासपुर की मासूम की मौत हो चुकी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग मासूम की मौत की कोरोना से नहीं मान रहा है। 2114 सैंपलों की जांच एम्स, नेहरू मेडिकल कॉलेज, रायगढ़, जगदलपुर में चल रही है। लालपुर रायपुर स्थित टीबी रिसर्च लैब में ट्रू नॉट मशीन से बुधवार को जांच शुरू हुई है। पिछले 9 दिनों से किट नहीं होने के कारण जांच नहीं हो रही थी। इस कारण वेटिंग रिपोर्ट की संख्या बढ़ती जा रही है। रिपोर्ट आने में 10 दिन तक लग रहे हैं। इससे संदिग्ध मरीजों की परेशानी बढ़ती जा रही है। सर्विलांस में भी समस्या होने लगी है। सबसे ज्यादा मरीज बिलासपुर संभाग मेें 247, दुर्ग में 128, सरगुजा में 118, रायपुर में 110 व बस्तर संभाग में केवल 23 मरीज मिले हैं। जिलों की बात करें तो मुंगेली में 86, बिलासपुर में 66, बलौदाबाजार में 59 व कोरबा में 54 मरीज मिले हैं। रायपुर जिले में मरीजों की संख्या 18 है, जिसमें एक की मौत हो चुकी है। नेहरू मेडिकल कॉलेज में माइक्रो बायोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. अरविंद नेरल व चेस्ट एक्सपर्ट डॉ. आरके पंडा ने बताया कि बहुतायत में मरीज आने के बाद स्वाभाविक रूप से स्वस्थ होने की दर कम हो गई है। जब-जब मरीज स्वस्थ होंगे, दर बढ़ती जाएगी।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/18-cases-of-corona-were-found-in-the-city-but-no-infection-among-1439-people-associated-with-them-127372397.html
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