राजधानी समेत राज्य के कई जिलों के 180 मजदूर पहली बार विमान में बैठेंगे। बेंगलुरू में फंसे इन मजदूरों को लॉ विवि के पूर्व छात्रों ने विमान से रायपुर भेजने का इंतजाम किया है। लॉकडाउन में ऐसा पहली बार होगा जब कोई विमान मजदूरों के साथ रायपुर पहुंचेगा। विमान में बैठने का उनका सपना सच होगा।
श्रमिकों को लेकर यह विमान 4 जून को बेंगलुरू से सुबह 8 बजे को उड़ान भरकर 9.50 बजे रायपुर पहुंच जाएगा। बेंगलुरू और रायपुर दोनों जगहों पर थर्मल स्क्रीनिंग से इनकी जांच की जाएगी। इस स्पेशल विमान के लिए एयरपोर्ट में भी विशेष तैयारियां की जा रही हैं। एयरपोर्ट डायरेक्टर राकेश आर सहाय ने बताया कि यह विशेष विमान एयर एशिया एयरलाइंस का है। रायपुर में इस एयरलाइंस का एक भी विमान अप-डाउन नहीं करता है। इस वजह से इस एयरलाइंस ने बेंगलुरू से रायपुर उड़ान के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी से विशेष अनुमति मांगी है। इस विमान से बलौदाबाजार, महासमुंद, जांजगीर-चांपा, पेंड्रा, गौरेला, मरवाही और नारायणपुर के मजदूर वापस लौटेंगे।
इस तरह की मजदूरों की पहचान : लॉ विवि के पूर्व छात्रों के इस ग्रुप ने वहां के लोकल एनजीओ की मदद से यह पता किया कि किस राज्य के मजदूर कितने दिनों से बेंगलुरू में फंसे हैं। लोकल नंबर जारी कर ऐसे मजदूरों के नाम भेजने की भी अपील की गई। इस सर्वे में सबसे ज्यादा छत्तीसगढ़ के मजदूरों की संख्या निकली। इसके बाद ही फैसला किया गया कि एक स्पेशल विमान बेंगलुरू से रायपुर भेजा जाए। पूर्व छात्रों के इस ग्रुप ने स्वयं के खर्चे से पूरा प्लेन बुक कराया और उसमें इन मजदूरों की टिकट कराई। प्लेन के टेकआफ से पहले पूर्व छात्रों का यह ग्रुप व्यवस्था संभालने के लिए बेंगलुरू एयरपोर्ट में मौजूद रहेगा।
आने वाले सभी को उनके गृहग्राममें करेंगे क्वारेंटाइन : सीएम
सीएम भूपेश बघेल ने भी इस खबर की पुष्टि करते हुए ट्वीट किया है कि बेंगलुरु और हैदराबाद लॉ यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्रों की मदद से 180 श्रमिक विशेष विमान से रायपुर पहुंचेंगे। 5 जून को दूसरे विशेष विमान से 174 मजदूर रायपुर पहुंचेंगे। इन सभी मजदूरों को उनके गृह गांवों में क्वारेंटाइन किया जाएगा। इसके लिए पूरी व्यवस्था की जा रही है।
झारखंड सरकार नेभी ली प्रेरणा
लॉ के पूर्व छात्रों की इस पहल के बाद झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी इस काम से प्रेरणा लेते हुए अंडमान-निकोबार में फंसे झारखंड के मजदूरों को दो विमान से रांची लेकर आए थे। इस फ्लाइट का पूरा खर्चा झारखंड सरकार ने वहन किया था।
पहले भी भेज चुके हैं मजदूरों को रांची
मजदूरों को विमान से भेजने की व्यवस्था करने वाले बेंगलुरू लॉ स्कूल एलुमनाई एसोसिएशन के पूर्व छात्रों का यह ग्रुप इससे पहले भी मजदूरों को प्लेन से मुंबई से रांची भेज चुका है। इन छात्रों को इससे पहले खबर मिली थी कि आईआईटी मुंबई के पास 177 मजदूर लॉकडाउन में फंसे हैं। इसके बाद ही उन्हें श्रमिकों को प्लेन से घर वापसी कराने का आइडिया आया। मजदूरों की मदद करने वाले यह छात्र 2000-2001 बैच के हैं। बताया जाता है कि वे नहीं चाहते कि उनके नाम सामने आएं। पहले प्लेन की रवानगी के बाद उन्होंने कहा था कि यह मदद हमने अपनी संतुष्टि के लिए की है, नाम कमाने के लिए नहीं।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/180-workers-will-return-to-raipur-for-the-first-time-former-students-of-law-university-got-tickets-127372362.html
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