पी. श्रीनिवास राव |केंद्र की मोदी सरकार ने देशभर में लागू की गई स्कीम वन नेशन वन राशनकार्ड से छत्तीसगढ़ को अलग कर दिया है। देश में सबसे मजबूत पीडीएस सिस्टम वाले प्रदेश को क्यों अलग किया गया, अभी यह बात साफ नहीं है। जबकि केंद्र की इसी योजना के तहत देश के 20 राज्यों में राशन दुकानों से राशन बांटना भी शुरू कर दिया गया है। संकेत मिले हैं कि छत्तीसगढ़ को इस पूरे साल इस योजना से अलग रखा जाने वाला है। अगर यहां इस स्कीम से अनाज बंटना शुरू भी हुआ, तो इसके लिए मार्च 2021 यानी पूरे एक साल तक इंतजार करना होगा।
इन राज्यों को भी अलग रखा
छत्तीसगढ़ के अलावा जिन 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इसका फायदा नहीं दिया जा रहा है।
उनमें पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, दिल्ली, जम्मू कश्मीर, लद्दाख, चंडीगढ़, पुदुचेरी, तमिलनाडु, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप शामिल हैं। अफसरों के मुताबिक केंद्रीय खाद्य विभाग ने संकेत दिए हैं कि इन राज्यों में योजना 31 मार्च 2021 तक लागू होगी।
इन राज्यों में योजना लागू
अब तक यह सुविधा आंध्र प्रदेश, बिहार, दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, केरल, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, पंजाब, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश,महाराष्ट्र और राजस्थान जैसे 17 राज्यों - केंद्रशासित प्रदेशों में लागू की गई है। जबकि अगस्त 2020 तक उत्तराखंड, नागालैंड और मणिपुर भी इस सुविधा से जुड़ जाएंगे।
केवल यही होंगे पात्र
पिछले 6 महीनों के दौरान जिन एनएफएसए राशन कार्डों में एक आधार प्रमाणित लेन-देन दर्ज किया गया है, वे राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी योजना की सुविधा के लिए पात्र होंगे। इस सुविधा को एनआईसी द्वारा राशन कार्ड लाभार्थियों की बनाई गई रिपॉजिटरी के माध्यम से सक्षम बनाया गया है। इसके अलावा, केंद्रीय डैशबोर्ड पर पोर्टेबिलिटी लेन-देन के विवरण की रिपोर्टिंग के लिए आवश्यक वेब-सेवाएं भी इन राज्यों के लिए तत्काल प्रभाव से सक्षम बनाई गई हैं और केंद्रीय एनआईसी टीम राज्य सरकारों को ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ के निर्बाध रोलआउट में लगातार मदद करती रहेंगी।
बड़ी तकनीकी तैयारी चाहिए
छत्तीसगढ़ को शामिल न करने के पीछे किसी तरह की राजनीति नहीं बल्कि बड़े तकनीकी तैयारी की जरुरत है। राज्य में पीडीएस की कुल 12300 दुकाने हैं। इनमें इस योजना के लिए ई-पीओएस मशीने लगानी होंगी। इसी तरह से सबसे बड़ी समस्या इंटरनेट कनेक्टिविटी की भी है। राज्य के करीब 7700 दुकानें नेट कनेक्टेड हैं। इनमें से रायपुर की 1500 दुकाने कोर पीडीएस के तहत टेबलेट से जुड़ी हैं। और शेष 4500 ग्रामीण दुकाने नेट से दूर हैं। ऐसे में सबसे पहले नेट कनेक्टिविटी देनी होगी। उससे पहले राज्य आफ लाइन सिस्टम की भी तैयारी कर रहा है। यानी कोर पीडीएस की तरह टेबलेट से योजना लागू की जा सकती है।
सिस्टम इंटीग्रेटर लगाने के लिए जल्द ही टेंडर
"छत्तीसगढ़ में इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। सिस्टम इंटीग्रेटर लगाने के लिए जल्दी ही टेंडर कर रहे हैं। यहां दिसंबर में इस योजना में शामिल रहने की कोशिश करेंगे।"
-डाॅ. कमलप्रीत सिंह, खाद्य सचिव एवं आयुक्त
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/chhattisgarh-with-strong-pds-not-included-in-modi-20-plan-127379925.html
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