मैनपाट के 70 जवान भारत-तिब्बत बाॅर्डर पर तैनात, गांव में लोगों ने लगाए घरों पर शांति मंत्र के झंडे, मंदिरों में देश की जीत के लिए प्रार्थना

दिलीप जायसवाल | ये तस्वीर है सरगुजा जिले के मैनपाट गांव की। चीन द्वारा पैदा किए गए तनाव के बाद से यहां घरों में ऐसे झंडे लहरा रहे हैं जिनपर लिखा है- हमारे जवान सुरक्षित रहें, बाॅर्डर में तनाव खत्म हो और युद्ध के हालात बनते हैं तो भारत की जीत हो। ऐसा इसलिए है क्योंकि यहां के 70 जवान भारत-तिब्बत बॉर्डर पर तैनात हैं। चीन ने 1962 में जब तिब्बत पर कब्जा किया था, तो तिब्बतियों को भारत में शरण मिली थी। इस गांव में पूर्वी तिब्बत के 3 हजार लोगों को शरण मिली। तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा यहां दो बार आ चुके हैं। यहां तिब्बती कैंप व बौद्ध मंदिर भी हैं। बॉर्डर पर तनाव के बाद से तिब्बती परिवार भारत की जीत के लिए प्रार्थना कर रहे हैं, जिसे तिब्बती भाषा में मोल्लम कहा जाता है। जवानों के परिजन का कहना है कि जब वे मीडिया में भारत-चीन बाॅर्डर लिखा देखते हैं तो अच्छा नहीं लगता। इसे भारत-तिब्बत बाॅर्डर कहा जाना चाहिए, क्योंकि तिब्बत पर चीन का अवैध कब्जा है। जिनजुप बताते हैं कि उनका बेटा बॉर्डर पर है। अब तो भारत ही उनका देश है।



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70 men of Manpat deployed on Indo-Tibet border, people put flags of peace mantra on homes in villages, pray for victory of country in temples


source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/bilaspur/ambikapur/news/70-men-of-manpat-deployed-on-indo-tibet-border-people-put-flags-of-peace-mantra-on-homes-in-villages-pray-for-victory-of-country-in-temples-127438005.html

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