कुपोषण अभियान के तहत वितरित होने वाले रेडी टू ईट फूड में खराबी का हवाला देकर जिला कार्यक्रम अधिकारी ने पाटन और अहिवारा के कुल 8 समूहों को हटाने का आदेश जारी कर दिया है। जबकि समूह संचालकों का कहना है कि बिना नोटिस का जवाब दाखिल लिए उसके खिलाफ एक तरफा कार्रवाई की गई है।
समूहों को हटाने के पीछे महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारियों का कहना है कि वितरित किए जाने वाले गेहूं की क्वॉलिटी ठीक नहीं थी। इसके अलावा उसमें बदबू आ रही थी। विभाग की रुटीन जांच में खुलासा होने पर पाटन और अहिवारा परियोजना के चार-चार समूहों को हटाने की कार्रवाई की गई है। जबकि पाटन से हटाए गए समूह संचालकों का कहना है कि उन्हें नोटिस के माध्यम से ही रेडी टू ईट फूड में खराब वितरण की जानकारी मिली। इस पर जब वे नोटिस का जवाब दाखिल करने की तैयारी करने लगे। उससे पहले ही सुबह नोटिस थमाकर शाम को उन्हें हटाने का आदेश जारी कर दिया गया। इसी तरह अहिवारा के समूह संचालकों का कहना है कि उनके समूह क्षेत्रों में हटाने से पहले क्वालिटी जांच के लिए कोई टीम पहुंची ही नहीं। इसके बाद भी एक तरफा कार्रवाई करते हुए हटा दिया गया। जल्द ही अब नए स्व सहायता समूहों को कार्य जारी किया जाएगा। पास के समूहों को सप्लाई के लिए कहा गया है।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/bhilai/news/supply-of-substandard-ready-to-eat-action-on-8-groups-removed-127411104.html
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