मलेरिया बुखार से पीड़ित व्यक्ति की अस्पताल में इलाज के दौरान शनिवार को मौत हो गई। उसे जिला अस्पताल रेफर किया था, लेकिन एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण परिजन नहीं ले जा सके।
ग्राम पंचायत सरगा निवासी 45 वर्षीय अजीत उरांव पुत्र मुंशी राम को पिछले एक सप्ताह से बुखार था। उसका इलाज एक निजी क्लीनिक में झोलाछाप से परिजन करा रहे थे। 26 जून को मरीज की स्थिति बिगड़ने पर उसे सीतापुर अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों को जांच में चला कि मलेरिया बुखार मरीज के मस्तिष्क तक पहुंच चुका है। ऐसी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल के रेफर कर दिया। परिजन ने बताया कि वह 108 एंबुलेंस को लगातार फोन कर संपर्क करते रहे। इसके बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची। परिजनों ने बताया कि आर्थिक स्थित अच्छी नहीं होने के कारण निजी वाहन की व्यवस्था नहीं कर सके। इस कारण डॉक्टरों से आग्रह कर यहीं पर उपचार करा रहे थे। रात 9 बजे उसकी मौत हो गई।
गंभीर स्थिति के कारण कर दिया था रेफर
बीएमओ आमोस किंडो ने बताया कि मरीज को जब हॉस्पिटल में लाया गया तो उसकी हालत काफी गंभीर थी। उसे शुक्रवार को ही जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया था। लेकिन परिजन उसे साधन के अभाव में जिला अस्पताल नहीं ले जा सके।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/bilaspur/sitapur/news/ambulance-not-found-even-after-referral-patient-dies-127458649.html
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