हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ के मेडिकल कॉलेजों में होने वाली स्नातकोत्तर (पीजी) सीटों पर भर्ती फिर से करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने प्रथम चरण की काउंसलिंग, मेरिट लिस्ट और एडमिशन को रद्द कर दिया है। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस पीआर रामचंद्र मेनन व जस्टिस पीपी साहू की बेंच में हुई। डॉक्टर किशोर कुमार चौहान, डॉ प्रणव गौरव शुक्ला, नितिन गुप्ता, आदित्य सिन्हा सहित अन्य ने अधिवक्ता प्रफुल्ल इन भारत और आकाश पांडेय के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में बताया कि
सरकारी नौकरी कर रहे डॉक्टर को बोनस अंक का वितरण सही नहीं हो रहा है। इस पर राज्य सरकार की तरफ से जवाब प्रस्तुत कर बताया गया कि छत्तीसगढ़ रूरल मेडिकल कोर्प में काम कर रहे डॉक्टर को बोनस अंक दिया जा रहा है। पहले चरण की काउंसिलिंग के बाद भी डॉक्टर को बोनस अंक नहीं दिया गया। हाईकोर्ट में इस बात की जानकारी याचिकाकर्ता के तरफ से प्रस्तुत की गई। इस पर डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन ने कोर्ट के समक्ष यह भरोसा दिलाया की सभी को बोनस अंक दिया जाएगा। भरोसा दिलाने के बाद भी छत्तीसगढ़ रूरल मेडिकल कॉर्प एरिया के डॉक्टर को बोनस अंक वितरण नहीं किया गया। इस बात का जवाब कोर्ट ने डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन से तलब किया, तो उन्होंने अपने जवाब में भूल स्वीकार किया। इस पर हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की याचिका को स्वीकार करते हुए आदेश दिया कि उन सभी डॉक्टर जो छत्तीसगढ़ रूरल मेडिकल कॉर्प में काम करते हैं, उन्हें उचित बोनस अंक देते हुए नई मेरिट लिस्ट बनाई जाए। साथ ही प्रथम चरण की काउंसलिंग की जाए।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/bilaspur/news/counseling-and-admission-canceled-on-pg-seat-of-medical-127394296.html
एक टिप्पणी भेजें