कोरोना काल में जिले के दो स्कूल की शिक्षिका घर से बाहर निकलकर समय का सदुपयोग कर रही हैं। भले ही स्कूल में ताला लटका है लेकिन दोनों शिक्षिका कोरोना से बचने लोगों को टिप्स दे रही हैं। इसके लिए वे घरों, खेतों, मनरेगा कार्य स्थल, ईंट भट्ठों सहित सार्वजनिक स्थानों में पहुंच रही हैं। स्कूल संबंधित गतिविधियों के अलावा निस्वार्थ सेवा भावना से जिम्मेदारी निभा रही हंै। जानिए दो शिक्षकों की पहल, जो दूसरों को प्रेरणा दे रही हैं। मास्क व सैनिटाइजर भी बांट रही हैं।
हाथ धुलाई व सोशल डिस्टेंसिंग का महत्व भी बता रहे
शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला भन्डेरा की व्याख्याता व प्रीएएलटी रेंजर लीडर कैशरीन बेग, जो सोशल मीडिया और वीडियो कॉल से छात्र-छात्राओं के साथ मिलकर कोरोना के प्रति लोगो को जागरूक कर रही हंै। हाथ छुलाई व सोशल डिस्टेंसिंग का महत्व लोगों को बता रही हैं।
बचाव के लिए पोस्टर चिपका कर रही हैं जागरुक
घर पर ही मास्क और सैनिटाइजर तैयार कर कैशरीन अपने निवास स्थान दुर्ग सहित आसपास क्षेत्रों तक पहुंचा रही है और गलियों में कोरोना से बचाव संबंधित पोस्टर चिपका रही है। लोगो से मिलकर कोरोना से बचने के उपाय,लक्षण एवं सावधानी बता रही है।
बेटी के साथ घर में तैयार किए एक हजार मास्क
शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला हर्राठेमा की शिक्षिका देवारभाट निवासी कमला वर्मा खुद अपनी बेटी मोनिका वर्मा के साथ एक हजार मास्क तैयार कर घर से बाहर निकल झलमला क्षेत्र के गांवों में बांट चुकीं है। उन्होंने बताया कि मैं स्काउट गाइड, रेडक्रास से भी जुड़ी हूं, जहां सेवा ही सब कुछ है।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/bhilai/balod/news/distributing-mask-sanitizer-with-own-money-127386725.html
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