बीएसपी के नगर सेवाएं विभाग के पीएचई विभाग द्वारा जल प्रदाय के मुख्य पाइप लाइन की महत्वाकांक्षी संधारण योजना का प्रथम चरण पूरा किया। इस दौरान पीएचई की टीम ने अपने इंजीनियरिंग कौशल को दिखाते हुए टाउनशिप में जलापूर्ति बाधित किए बिना इस कार्य को पूर्ण िकया।
तेज गर्मी एवं नागरिकों की असुविधा को ध्यान में रखते हुए मुख्य महाप्रबंधक पीके घोष के नेतृत्व में तथा मोहन देशपांडे एवं पीएचई की महाप्रबंधक राधिका एस श्रीनिवासन के कुशल के मार्गदर्शन में मेंटेनेंस कार्य पूरा किया गया। विभाग के अधिकारी सुनील झा, बलराम कोशिमा एवं कार्मिकों में नीरज शुक्ला, सुब्रत गुप्ता, चमरू, प्रकाश एवं नागराज ने सक्रिय भूमिका निभाई। पहले बनाई मेंटनेंस के लिए रणनीति, इसके बाद किया काम: कुछ वर्ष पूर्व मरोदा ट्रीटमेंट प्लांट की मुख्य पाइप लाइन जो कि सेक्टर-10 एवं सेक्टर-7 में पेयजल आपूर्ति के लिए उपयोग की जाती है, यह क्षतिग्रस्त हो गई थी। जिसकी वजह से 7 दिनों तक पाइप लाइन के मरम्मत का कार्य किया गया था। जिसके कारण उस समय टाउनशिप के सेक्टर-10, सेक्टर-7, रूआबांधा, सिविक सेंटर सहित अन्य की पेयजल आपूर्ति नहीं हो पाई थी। इससे लोगों को परेशानी हो रही थी। इसे देखते हुए पीएचई के इंजीनियरों ने मुख्य पाइप लाइन के महत्वपूर्ण संधारण कार्य के लिए रणनीति व योजना बनाई गई।
जानिए कैसे दिया गया इस पूरी प्लानिंग को अंजाम
ग्रिड के इन्टर-कनेक्शन की कार्य योजना : नगर के इस्टर्न ग्रिड एवं वेस्टर्न ग्रिड के इन्टर-कनेक्शन की कार्य योजना को मूर्तरूप देने के लिए कारगर रणनीति बनाई गई। जिसके तहत इस संधारण कार्य के क्रियान्वयन का बीड़ा उठाया गया। नगर के इस्टर्न ग्रिड एवं वेस्टर्न ग्रिड के इन्टर-कनेक्शन को नगर के ग्लोब चौक के पास अमली जामा पहनाया गया। इस कार्य के पूर्ण हो जाने के बाद मरोदा ट्रीटमेंट प्लांट से आने वाली कोई भी मुख्य पेयजल पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में भी पूरे नगर की पेयजल प्रदाय सुचारू रूप से जारी रखी जा सकेगी।
समय से पूर्व कार्य का संपादन: पीएचई के अधिकारियों एवं कार्मिकों ने अपने इंजीनियरिंग स्किल व समन्वयन तथा बेहतरीन टीम वर्क का प्रदर्शन करते हुए इस मरम्मत कार्य के प्रथम चरण को 29 मई को पूर्ण किया गया। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की टीम ने कार्य को अपेक्षित समय से पहले ही संपादित कर दिया। जिसके फलस्वरूप 30 मई की सुबह जल बाधित होने की सूचना देने के बावजूद शहर में पर्याप्त जलापूर्ति की गई। इसके बाद टाउनशिप के लोगों को पर्याप्त पानी मिलना शुरू हो पाया।
समस्या का विश्लेषण व समाधान: टाउनशिप के पेयजल आपूर्ति के लिए मुख्य पाइप लाइन को इस्टर्न ग्रिड एवं वेस्टर्न ग्रिड में विभाजित किया गया है। इन दोनों ग्रिड का इन्टर-कनेक्शन न होने की वजह से किसी एक ग्रिड में समस्या आने पर दूसरे ग्रिड का उपयोग संभव नहीं था। जिसकी वजह से उस ग्रिड से सप्लाई होने वाले सेक्टर्स में जलापूर्ति बाधित हो जाती थी। इस समस्या का गम्भीर विश्लेषण करने के बाद दोनों ग्रिड को जोड़ने की परियोजना बनाई गई।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/bhilai/news/maintenance-of-main-pipeline-of-maroda-treatment-plant-127364541.html
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