कोरोना के संकट काल में जहां शहर में पूर्ण लॉकडाउन हैं, ठेले खोमचे लंबे समय से बंद हैं। लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट है। इसी बीच निगम प्रशासन का भी अलग चेहरा सामने आया है। निगम ने गुरुद्वारा चौक में फूडपार्क के सामने बनी कब्जा कर बनाई गई अस्थाई दुकानों पर शुक्रवार काे जेसीबी चलवा दिया। कई दुकानें पूरी तरह टूट गई। गुपचुप-चाट के ठेले भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
खास बात ये है कि किसी भी दुकानदार को इसके लिए कोई नोटिस तक नहीं दिया गया।
लॉकडाउन के चलते सभी दुकानें पहले से ही बंद है। इसी बीच निगम प्रशासन की टीम जेसीबी लेकर मौके पर पहुंची और एक के बाद एक सभी स्थाई दुकानों को तोड़ने का काम शुरू किया गया। जानकारी मिलने के बाद कुछ दुकानदार मौके पर पहुंचे और मिन्नतों के बाद अपनी दुकानें खुद हटा ली। लेकिन करीब 8 से 10 दुकानों को क्षतिग्रस्त कर हटाया गया। आयुक्त चंद्रकांत कौशिक ने बताया कि जिला प्रशासन से ठेले खोमचों को हटाने का स्पष्ट आदेश जारी किया गया है, इन्हें नोटिस देने की भी जरूरत नहीं है।
तोड़फोड़ नहीं करने की मिन्नतें पर अफसर अड़े रहे
जिन दुकानों पर बुलडोजर चलाया गया, जिनके ठेले क्षतिग्रस्त किए गए, वे मौके पर पहुंचकर ऐसा नहीं करने की मिन्नतें करते रहे। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के चलते पहले ही उनकी दुकानें बंद हैं। पूर्व में भी करीब 2 महीने तक दुकानें पुरी तरह बंद रही। ऐसे में जैसे तैसे परिवार चलाया। अब दुकानों को क्षतिग्रस्त कर देने से उनको बड़ा नुकसान होगा। फिलहाल रोजगार का कोई दूसरा साधन भी मौजूद नहीं हैं परेशानी और बढ़ेगी। लेकिन तमाम मिन्नताें के बावजूद अफसरों ने कार्रवाई जारी रखी।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/bhilai/rajnandgaon/news/why-broke-it-sir-he-would-have-removed-his-hand-127452157.html
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