राजधानी में कई बड़े निर्माण प्रोजेक्ट पर धीमा काम शुरू हो गया है, लेकिन तेलघानी नाका ओवरब्रिज का काम अब बरसात के बाद ही शुरू हाे सकेगा। ओवरब्रिज के लिए अनिवार्य भू-अर्जन की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसमें दो महीने से अधिक का समय लग जाएगा। इस दौरान बारिश शुरू हो जाएगी और पुल का काम शुरू होना संभव नहीं है। करीब सालभर से ओवरब्रिज का काम पूरी तरह से ठप है। तेलघानी नाका चौक पर गाड़ियों का दबाव बढ़ रहा है और पुराना ओवरब्रिज जर्जर स्थिति में है। बारिश के दौरान पुल का ढांचा कमजोर ना हो जाए, इसलिए इसकी मरम्मत भी की जा रही है। सड़क की एक दिन पहले ही मरम्मत की गई है, लेकिन वाहनों की संख्या बढ़ने से खतरे की आशंका बनी हुई है।
जमीन मालिकों ने ज्यादा मुआवजे की मांग कर बढ़ाई परेशानी
जमीन अधिग्रहण की वजह से तेलघानी नाका ओवरब्रिज का काम सालभर से ठप है। यदि काम जारी रहता तो नए पुल की सुविधा लोगों को अब तक मिल गई रहती, लेकिन ऐन मौके पर भू स्वामियों ने अधिक मुआवजे की मांग कर अपनी जमीन देने से मना कर दिया है। इसके बाद से लगातार सहमति बनाने की कोशिश पीडब्ल्यूडी और जिला प्रशासन की ओर से की गई। महीनों गुजरने के बाद भी बात नहीं बनी है। इसके बाद अब पुल बनाने के लिए अनिवार्य अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पीडब्ल्यूडी ने अनिवार्य भू-अर्जन के लिए कलेक्टर को आवेदन दिया और फिर इसके लिए समिति का गठन कर दिया गया है। यह प्रक्रिया चल ही रही थी कि लॉकडाउन की घोषणा हो गई और पूरा प्रशासनिक अमला कोरोना संक्रमण के बचाव कार्य में जुट गया। अब लॉकडाउन खुलने के बाद जमीन अर्जन की सरकारी प्रक्रिया शुरू हुई है, लेकिन इसे पूरा करने में कम से कम दो से तीन महीने का वक्त लग जाएगा। तब तक ओवरब्रिज निर्माण का कार्य ठप रहेगा। पुल बनाने के लिए यहां पांच लोगों की 1964.29 वर्गमीटर जमीन अधिग्रहण करनी है।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/the-work-of-telghani-naka-overbridge-stalled-for-a-year-now-it-will-be-able-to-start-only-after-four-months-127397680.html
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