मुस्लिम समाज में आमतौर पर ईद और बकरीद की जमात ही अलग-अलग समय में और दो से तीन बार होती है। लेकिन दशकों बाद ऐसा हुआ है जब जुमे की नमाज दो जमात में होगी। कोरोना संक्रमण की वजह से करीब ढाई महीने बाद खुले मस्जिदों में जुमा की जमात के दौरान लोगों की भीड़ कम करने और सोशल डिस्टेसिंग के नियमों का पालन करने के राजधानी के अधिकतर मस्जिदों में जुमे की नमाज दो जमात में रखी गई है। इससे एक ही समय में सैकड़ों की संख्या में लोग एक साथ जमा नहीं होंगे। शहर काजी मौलाना मोहम्मद अली फारुकी ने बताया कि जुमा की नमाज में सबसे ज्यादा लोग नमाज पढ़ने आते हैं। इसलिए मस्जिदों के मुतवल्लियों से कहा गया था कि वे अपने जमातियों की सुविधा के अनुसार जुमा के लिए दो जमात रखे। अशरफुल मस्जिद मौदहापारा के मुतवल्ली हाजी सलीम अशरफी ने बताया कि मौदहापारा मस्जिद में जुमा की दो जमात दोपहर 1.30 और 2.15 बजे होगी। इन दो तय समय में खुतबा शुरू कर दिया जाएगा। गफूर मस्जिद अफरोज बाग में पहली जमात दोपहर 1.45 और दूसरी 2.15 बजे से होगी। इस तरह शहर के कई मस्जिदों में जुमा की नमाज दो जमात में अदा की जाएगी। मस्जिद प्रबंधनों ने लोगों से अपील की है कि वे घर से वजू बनाकर आएं।मस्जिद में टॉवेल, तस्बीह और टोपियों का इस्तेमाल न करें। नमाज के बाद न ही हाथ मिलाएं और न ही गले मिलें।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/namaz-do-jamaat-to-reduce-crowd-do-so-after-decades-127397585.html
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