दक्षिण-पश्चिम मानसून ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ में दस्तक दे दी, वो भी निर्धारित समय से 4 दिन पहले। बस्तर जिले में अच्छी बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार पिछले 12 घंटे में सुकमा, नारायणपुर और बीजापुर में 5 सेमी तक बारिश हुई है। गुरुवार शाम जगदलपुर पर मानसूनी बादल घिरे और वर्षा शुरू हो गई। इसके असर से राजधानी रायपुर में शाम करीब 6 बजे गहरे बादल छाए और जोरदार प्री-मानसून बारिश हुई। शुक्रवार-शनिवार तक मानसून के रायपुर पहुंचने और शनिवार-रविवार तक पूरे प्रदेश में फैलने की संभावना है।
लालपुर मौसम केंद्र के मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा के अनुसार गुरुवार को मानसून गोवा, कोंकण के कुछ भाग, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा, कर्नाटक के शेष हिस्से, रायलसीमा और तटीय आंध्रप्रदेश, तेलंगाना के अधिकांश हिस्से से दक्षिण उड़ीसा, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और उत्तर बंगाल की खाड़ी, नागालैंड के शेष हिस्से मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा अरुणाचल प्रदेश के अधिकांश क्षेत्र और कुछ असम तथा मेघालय तक सक्रिय हो गया है। अगले 48 घंटों के दौरान यह छत्तीसगढ़ के शेष हिस्सों में पहुंच जाएगा।
चक्रवात से जल्दी आए बादल
मौसम विज्ञानियों के अनुसार इस साल मानसून के तय समय पर पहुंचने की एक वजह 10 जून को बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र है। यह अभी पश्चिम-मध्य और उत्तर-मध्य बंगाल की खाड़ी में है। इसके साथ ऊपरी हवा का एक चक्रवात भी बना है। दक्षिण छत्तीसगढ़ में भी 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक एक चक्रवात है। इस सिस्टम की वजह से मानसून को आगे बढ़ने में मदद मिली।
प्रदेश में वर्षा का औसत 1159 मिमी
छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई 15 अक्टूबर के तक होती है। इस दौरान प्रदेश में औसतन 1159 मिमी पानी बरसता है। लालपुर मौसम केंद्र के मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा के अनुसार छत्तीसगढ़ में आमतौर पर मानसून सामान्य रहा है तथा भौगोलिक स्थिति की वजह से औसत के आसपास बारिश ही जाती है। पिछले एक दशक में 2013 में ही मानसून समय से पहले 8 जून को छत्तीसगढ़ पहुंचा है। तब भी 1100 मिमी बारिश हो गई थी।

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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/meteorological-department-estimates-by-saturday-monsoon-will-reach-raipur-and-by-sunday-it-can-spread-across-the-state-127401020.html
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