बुधवार को जिले में 4 कोरोना मरीज मिले हैं। इनमें 3 लैलूंगा के क्वारेंटाइन सेंटर से और एक रायपुर के निजी अस्पताल में मिला है। मेकाहारा में भर्ती जांजगीर-चांपा जिले का एक युवक भी संक्रमित मिला है।
शहर में एक बार फिर कोरोना की दहशत दिखी है। रामभाटा बजरंगपारा इलाके के एक सरकारी कर्मचारी के रायपुर में कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद शहर में दहशत है। यह व्यक्ति 21 जून को अशर्फी देवी चिकित्सालय में भर्ती हुआ था। कोरोना के लक्षण नहीं थे, इलाज के लिए उन्हें रायपुर के निजी अस्पताल भेजा गया । यहां कोविड-19 टेस्ट पॉजिटिव पाया गया। अशर्फी देवी चिकित्सालय को सील किया गया है। वहीं डॉ. रूपेंद्र पटेल समेत सभी स्टाफ को होम क्वारेंटाइन में भेजा गया है। कल सभी के सैंपल लिए जाएंगे।
बारिश शुरू होने के साथ सामान्य फ्लू के मरीज बढ़ रहे हैं। कोरोना और फ्लू के लक्षण एक जैसे हैं इसलिए दोनों तरह के मरीजों में अंतर करना मुश्किल हो रहा है। अनलॉक-1 में ज्यादातर कामों को छूट दी गई है इसलिए लोग बेफिक्र नजर आ रहे हैं।
जिले में मिले चार (एक जांजगीर का मरीज) मरीजों को कोविड अस्पताल भर्ती कराया जा रहा है। जांजगीर-चांपा के 17 वर्षीय किशोर काे मिर्गी का दौरा पड़ने और पेट में तकलीफ हाेने पर भर्ती कराया गया था। बताया जा रहा है कुछ दिन पहले किशाेर का ऑपरेशन हुआ था। वह मानसिक रूप से काफी कमजाेर है।
दाे दिन पहले उसे तकलीफ हुई ताे संदेह के आधार पर सैंपल लेकर भेजा गया था। बुधवार शाम काे रिपाेर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं लैलूंगा क्वारेंटाइन सेंटर में रह रहे तीन लाेगाें की जांच रिपाेर्ट पॉजिटिव आई है। सीएमएचओडाॅ. एसएन केशरी ने बताया कि संक्रमित लाेगाें के प्राइमरी और सेकेंडरी कॉन्टेक्ट का पता लगाया जा रहा है। अशर्फी देवी महिला चिकित्सालय में डॉक्टर समेत जिन स्टाफ को होम क्वारेंटाइन में भेजा गया है उनके सैंपल गुरुवार को लिए जाएंगे। अगर सभी संक्रमित ना भी हों तो उन्हें रिपोर्ट आने तक यानि लगभग तीन दिन क्वारेंटाइन रहना होगा।
घरघोड़ा के क्वारेंटाइन सेंटर से शहर आया कोविड वायरस
रायपुर में जिस व्यक्ति को कोरोना पॉजिटिव पाया गया है वह मूलत: ट्राइबल विभाग का क्लर्क है। उसकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है। घरघोड़ा हाईस्कूल में पदस्थ है। क्वारेंटाइन सेंटर की निगरानी का जिम्मा ट्राइबल विभाग का है इसलिए यह क्लर्क देखरेख के लिए 8 जून और 16 जून के बीच सेंटर गया था। घरघोड़ा से लौटते वक्त मामूली दुर्घटना हुई। पैर में दर्द होने लगा। डायबिटिक है, इसलिए चोट को गंभीरता से लेते हुए डॉ. रूपेंद्र पटेल के यहां 21 जून को भर्ती हो गया।
कोई लक्षण नहीं थे इसलिए यहां भर्ती करने से पहले टेस्ट नहीं किया गया। तकलीफ ज्यादा थी इसलिए दूसरे दिन रायपुर के एक निजी अस्पताल रेफर किया गया। यहां हिस्ट्री पूछने पर संदेह हुआ तो टेस्ट किया गया और आज रिपोर्ट पॉजिटिव आई। क्वारेंटाइन सेंटर की देखरेख वाला कर्मचारी आइसोलेशन में होना चाहिए लेकिन बिना बताए यह अशर्फी देवी चिकित्सालय में भर्ती हो गया। मेडिकल कॉलेज लैब के डॉक्टर्स के मुताबिक क्वारेंटाइन सेंटर में किसी पॉजिटिव मरीज से प्राइमरी कॉन्टेक्ट में इन्हें कोरोना हुआ होगा।
दो इलाके सील हुए, सैकड़ों लोग मुसीबत में
रिपोर्ट आते ही सबसे पहले अशर्फी देवी अस्पताल को सील किया गया। इसके बाद रामभाटा, संजय मैदान और बापू नगर के बीच घनी बस्ती वाले मोहल्ले बजरंगपारा को सील किया गया। ये दोनों इलाके कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। पॉजिटिव पाए गए क्लर्क के परिजन पूरे शहर और मोहल्ले में घूमते रहे। क्लर्क की पत्नी भी जीएसटी विभाग में अफसर की रीडर हैं। भास्कर को मिली जानकारी के मुताबिक वो हफ्तेभर से अवकाश पर हैं। खास बात यह है कि अशर्फी देवी चिकित्सालय लो बजट अस्पताल है। रायगढ़-जांजगीर जिले तक के मरीज यहां आते हैं। डाॅ. रूपेंद्र लोकप्रिय वरिष्ठ डॉक्टर हैं, रोज 100 से अधिक मरीज देखते हैं। अशर्फी देवी चिकित्सालय सील होने से सैकड़ों लोगों को परेशानी होगी।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raigarh/news/tribal-department-clerk-found-four-new-infected-in-corona-dr-rupinder-patels-staff-quarantine-of-ashrafi-devi-127444636.html
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