राज्य में स्कूल कब से खुलेंगे यह बड़ा सवाल है। स्कूल खुलने या न खुलने का फैसला गृह मंत्रालय भारत सरकार की गाइडलाइन पर निर्भर होगा। जुलाई में यह गाइडलाइन आएगी। सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम एमएचआरडी के अफसरों साथ शिक्षा विभाग के अफसरों ने चर्चा की। इसमें स्कूल खोलने के मसले पर भी बात हुई।
वीडियो कांफ्रेंसिंग में यह स्पष्ट किया गया कि गृह मंत्रालय भारत सरकार से स्कूल खोलने के संबंध में निर्णय लिया जाएगा। इसके बाद ही स्कूल खुल सकेंगे। इससे पहले, नए शिक्षा सत्र में स्कूल खोलने को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाए हैं। लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए अब जुलाई में स्कूल खुलना मुश्किल है। स्कूलों में पढ़ाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसलिए स्कूली सिलेबस में भी कटौती की जाएगी। वहीं दूसरी ओर पैरेंट्स भी बच्चों को स्कूल भेजने से डर रहे हैं। कुछ पैरेंट्स ने बताया कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती तब तक बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। कोरोना वायरस से निर्मित परिस्थितियों की वजह से इस साल शुरुआती कक्षाओं जैसे नर्सरी में एडमिशन कम होने की संभावना है।
उधर, फीस को लेकर भी शिक्षा विभाग से स्पष्ट निर्देश नहीं है। इससे भी परेशानी बढ़ी है। शिक्षाविदों का कहना है कि शासन को फीस के मामले में स्पष्ट निर्देश जारी करना चाहिए, जिससे पैरेंट्स व स्कूल दोनों काे परेशानी न हो।
गृह मंत्रालय की गाइडलाइन का इंतजार
स्कूल शिक्षा सचिव आलोक शुक्ला ने बताया कि गृह मंत्रालय भारत सरकार से जब तक स्कूल खोलने की अनुमति नहीं मिलती तब तब स्कूल नहीं खुलेंगे। इस संबंध में गृह मंत्रालय की गाइडलाइन जुलाई में आएगी। इसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
15 अगस्त से पहले स्कूल खोलना इसलिए मुश्किल
शिक्षाविदों का कहना है कि जुलाई में गृह मंत्रालय से गाइडलाइन आएगी। विभिन्न शर्तों के साथ यदि स्कूल खोलने की अनुमति मिल भी जाती है तब भी तैयारियों को देखते हुए 15 अगस्त से पहले स्कूल खुलना मुश्किल है। वह इसलिए राज्य में करीब 13 हजार स्कूलों को क्वारंटाइन सेंटर बनाया जाएगा। रायपुर में करीब साढ़े चार सौ स्कूल क्वारंटाइन सेंटर बनाए गए हैं। अनुमति मिलने के बाद स्कूलों को सेनेटाइज किया जाएगा। साथ में अन्य व्यवस्थाएं भी की जाएगी। सेनेटाइज करने में करीब 20 से 30 दिनों का वक्त लगेगा। इसके अलावा बारिश से भी परेशानी होगी। इस स्थिति में 15 अगस्त तक स्कूलों में दोबारा पढ़ाई शुरू होना मुश्किल है।
स्कूलों की स्थिति
- 33257 - प्राइमरी स्कूल
- 16450- मिडिल स्कूल
- 2689- हाई स्कूल
- 4331- हायर सेकेंडरी स्कूल
- 56- लाख स्टूडेंट्स हैं इनमें
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/guidelines-will-come-from-delhi-in-july-only-after-that-the-decision-to-open-school-127390733.html
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