इस बार किराना दुकानें भी बंद, दूध-सब्जी सुबह 10 बजे तक, इसके बाद सख्त कर्फ्यू

राजधानी रायपुर में कोरोना विस्फोट के बाद प्रशासन ने 22 जुलाई यानी बुधवार से 28 जुलाई तक लाॅकडाउन घोषित किया है, जिस पर अमल मंगलवार को रात 12 बजे से शुरू हो जाएगा। पुलिस धारा 144 का पालन करवाने के लिए इससे पहले ही मंगलवार शाम से सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रही है। इस बार का लॉकडाउन ज्यादा सख्त होगा, क्योंकि पहली बार किराना दुकानें भी नहीं खुलेंगी। अफसरों ने साफ कर दिया कि मंगलवार को लोग जरूरत का किराना ले सकते हैं, क्योंकि इसके बाद एक हफ्ते तक किसी किराना व्यापारी को दुकान खोलने की इजाजत नहीं होगी। थोड़ी राहत यही है कि सुबह 6 से 10 बजे तक सब्जी, दूध, ब्रेड, चिकन, मटन, मछली और फल खरीद सकते हैं। लाॅकडाउन के दौरान पेट्रोल पंप और गैस सिलेंडरों की सप्लाई दोपहर 3 बजे तक रहेगी। कलेक्टर डॉ. एस भारतीदासन और एसएसपी अजय यादव ने सोमवार को रेडक्रास सभाकक्ष में मीडिया को बताया कि इस बार का लॉकडाउन पहले से दोगुना सख्त होगा। केवल चुनिंदा दुकानों को ही खोलने की अनुमति दी गई है। किसी ने भी दुकान खोलने की कोशिश की तो चेतावनी दिए बिना उसे सील कर दिया जाएगा।

दुकानदार के खिलाफ एफआईआर करके उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। सुबह 10 बजे के बाद लोग बिना पुख्ता कारण के पकड़े गए तो उन्हें जेल जाना पड़ सकता है। केवल इमरजेंसी वालों को ही बाहर निकलने की अनुमति होगी। इसे सख्ती से लागू करने के लिए रायपुर और बिरगांव निगम के सभी वार्डों में पुलिस लगातार गश्त करेगी। इस बार पिछले लाॅकडाउन के मुकाबले दोगुनी पुलिस उतारी जा रही है। शहर से आने-जाने के लिए हर हाल में ई-पास लेना अनिवार्य होगा।

ग्रामीण कारखाने चालू रहेंगे
ऐसी सभी फैक्ट्रियां या कारखाने जो गांवों में या निगम सीमा से दूर आउटर में स्थित हैं वहां पहले की तरह ही काम हो सकेगा। लेकिन यह कोरोना के सभी नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। इन फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिकों को फैक्ट्री में ही रहना होगा। उनके खाने सभी जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था फैक्ट्री संचालकों को करनी होगी।
बैंकों में कामकाज होगा
शहर के सभी बैंक खुले रहेंगे, लेकिन उनमें एक समय में केवल पांच व्यक्तियों को ही प्रवेश करने की अनुमति दी जाएगी। बैंक जाने वाले व्यक्ति को बैंक संबंधित दस्तावेज रखने होंगे, जिससे पता चल सके कि उसे बैंक में काम करवाना है। इस दौरान बैंकों के स्टाफ को सामूहिक रूप से आने-जाने में प्रतिबंध होगा। उन्हें अपने निजी वाहनों का उपयोग करना होगा।
सवारी गाड़ियां नहीं चलेंगी
लॉकडाउन के बीच शहर में बस, टैक्सी, रिक्शा, ई-रिक्शा, ऑटो किसी भी तरह की सवारी गाड़ियां नहीं चलेंगी। इमरजेंसी के समय गाड़ी का उपयोग किया जाता है तो उस गाड़ी में सवार लोगों को अपना वैध पहचान पत्र रखना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही शहर से आने-जाने के लिए ई-पास जरूरी होगा।
धार्मिक संस्थान बंद
मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारा समेत सभी तरह के धार्मिक संस्थान बंद रहेंगे। इसके अलावा सभी सांस्कृतिक और पर्यटन स्थल भी बंद रहेंगे। कलेक्टोरेट, निगम मुख्यालय, पुलिस महानिरीक्षक, एसपी दफ्तर, एडीएम दफ्तर, सिटी एसपी, उप जिला पुलिस अधीक्षक, कोषालय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, तहसील, थाना, चौकी में भी आम लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

मंत्रालय व संचालनालय के सभी दफ्तर भी बंद रहेंगे
लॉकडाउन के बीच मंत्रालय व संचालनालय के सभी दफ्तर भी बंद रहेंगे। हालांकि राज्य सरकार के आदेश के मुताबिक वर्क फ्राम होम जारी रहेगा। इसके अलावा आवश्यक सेवाओं जैसे पुलिस, स्वास्थ्य सेवाएं, अस्पताल, फायर ब्रिगेड, साफ-सफाई एवं स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, बिजली व्यवस्था, जेल, पेयजल आपूर्ति तथा अन्य आवश्यक सेवाएं पहले की तरह चलती रहेगी।

सिर्फ यही खुलेगा, बाकी बंद

  • फल, सब्जी, दूध, ब्रेड, चिकन, मटन, मछली, अंडा, ठेलों में फल की बिक्री सुबह 6 से 10 बजे तक होगी।
  • दवा, स्वास्थ्य, कृषि, बैंकों, फायर बिग्रेड, खाद्य सामग्री से संबंधित गाड़ियां सड़कों पर आना-जाना कर सकेंगी।
  • घर-घर जाकर दूध देने वाले और अखबार बांटने वाले हॉकरों को सुबह 6 से 9.30 बजे तक की छूट रहेगी।
  • सफाई, मास्क, सेनिटाइजर, एटीएम, एलपीजी की सप्लाई करने वाली गाड़ियां भी शहर में परिवहन कर सकेंगी।
  • टेलीकॉम, इंटरनेट सेवाएं, आईटी, मोबाइल रिचार्ज और सर्विसेस की दुकानें भी तय समय के लिए खुलेंगी।
  • प्रिंट एंव इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, पशु चारा, डाकघर, पोस्टल सेवाएं, सुरक्षा काम में लगी एजेंसियों को छूट रहेगी।
  • रजिस्ट्री दफ्तर खोले जाएंगे, लेकिन केवल ऑनलाइन अप्वाइंमेंट को ही प्रवेश मिलेगी।
  • केंद्रीय कार्यालय जैसे आयकर, डाकघर, बीएसएनएल, सेंट्रल जीएसटी जैसे दफ्तर खुले रखे जाएंगे।


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पिछले लाॅकडाउन में पुलिस ने सड़कों पर सख्ती दिखाई लेकिन गली-मोहल्लों में ऐसे लोगों की बड़ी संख्या थी, जो कर्फ्यू को मान ही नहीं रहे थे। पुलिस ने ऐसे लोगों को सड़कों पर मुर्गा बनवाया, दंड-बैठकें करवाईं, बेंत से पिटाई की और थाने भी पहुंचाया।


source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/grocery-shops-also-closed-this-time-milk-and-vegetables-till-10-am-after-which-strict-curfew-127535278.html

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