प्रदेश सरकार रूरल इकॉनॉमी को बढ़ावा देने के लिए गोधन न्याय योजना के बाद रूरल इंडस्ट्रियल पार्क खोलने जा रही है। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को पाटन में आयोजित कार्यक्रम में इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर के प्रत्येक गांव में एक स्वरोजगार केंद्र खोला जाएगा जहां ग्रामीणों के माध्यम से लघु व्यापार की गतिविधियां संचालित होंगी। उन्होंने इसका नाम रोजगार ठौर दिया है।
जिले के पाटन में राज्यभर में संचालित होने वाली गोधन न्याय योजना की शुरुआत में उन्होंने यह बात कही। उन्होंने 102 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया। सीएम ने कहा कि उनकी सरकार का फोकस ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। उन्होंने गोधन योजना के माध्यम से गोबर खरीदी करके जैविक खाद का निर्माण किया जा रहा है। इससे पशुपालक की आय में भी वृद्धि होगी। इसके खाद से भूमि उर्वरक क्षमता में वृद्धि होगी।
इसे प्रदेशवासी केमिकल फर्टिलाइजर वाले अनाज और सब्जी खाने से भी बच सकेंगे। अब सरकार ग्रामीणों के लिए गांव में ही रोजगार के अवसर देने के लिए रूरल इंडस्ट्रियल पार्क खोला जाएगा। इसके तहत प्रत्येक गांव में एक केंद्र खोला जाएगा, जहां लोग साबुन, अगरबत्ती जैसे छोटे-छोटे कुटीर उद्योग का निर्माण कर सकेंगे। इसे छत्तीसगढ़ी भाषा में रोजगार ठौर का नाम दिया जाएगा।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/bhilai/durg/news/village-will-be-opened-in-villages-cottage-industries-such-as-soap-incense-sticks-will-be-run-127535747.html
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