श्यामली गेस्ट हाउस में बिलासपुर मुख्यालय से आए एसईसीएल अधिकारियों के साथ मनेन्द्रगढ़ विधायक विनय जायसवाल की 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के बीच बैठक हुई। यह बैठक एसईसीएल चिरमिरी की कई खदानों में कार्यरत 32 कोयला श्रमिकों को बर्खास्त करने के मामले को लेकर रखी गई। बैठक में श्रमिकों की बहाली करने को लेकर 3 घंटे से ज्यादा चर्चा हुई। विधायक विनय जायसवाल और उनके प्रतिनिधित्व मंडल ने एसईसीएल मुख्यालय से आये जीएम पर्सनल एके सक्सेना और जीएम लीगल प्रवीण कुमार को 32 बर्खास्त कर्मचारियों के निलंबन व उनकी रोकी गई ग्रेजुएटी और पीएफ पर विस्तार से चर्चा कर उनके परिवार की माली हालत पर विचार करने की बात रखी। विधायक जायसवाल ने उपस्थित अधिकारियों के सामने कोल इंडिया के द्वारा बनाए कानूनी नियम को पढ़कर रोकी गई पीएफ, ग्रेजुएटी की राशि को तत्काल देने की बात कही। इस दौरान श्रमिकों का पीएफ, ग्रेजुएटी का भुगतान कर बर्खास्त श्रमिकों को बहाल करने की मांग की गई। इस पर एसईसीएल अफसरों ने मामले का निराकरण करने कुछ दिनों का समय मांगा। इस पर विधायक व प्रतिनिधिमंडल ने 3 माह का अल्टीमेटम देते हुए 7 अक्टूबर तक का समय दिया। साथ ही यह भी कहा कि दिए गए समय में यदि मामले का निराकरण नहीं हुआ तो एसईसीएल मुख्यालय सीएमडी ऑफिस में तालाबंदी कर अनिश्चितकालीन प्रदर्शन किया जाएगा। प्रतिनिधित्व मंडल में प्रोफेसर भगवत दुबे, श्रमिक नेता रामअवतार अलगमकर, शंकर राव, अधिवक्ता अनिमेश सिंह, शिव महाराणा मौजूद रहे।
सभी तथ्यों पर हेड क्वार्टर में करेंगे चर्चा: सक्सेना
एसईसीएल बिलासपुर मुख्यालय जीएम कार्मिक व प्रशासन ए सक्सेना ने कहा कि बैठक में बर्खास्त कर्मचारियों की पीएफ ग्रेजुएटी के भुगतान पर चर्चा हुई, क्योंकि यह विषय प्रबंधन के विचाराधीन में है। इससे संबंधित सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए कंपनी हेड क्वार्टर अवगत कराया जाएगा।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/bilaspur/chirmiri/news/3-hour-discussion-for-reinstatement-of-32-sacked-secl-personnel-3-months-ultimatum-given-127494039.html
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