राज्य सरकार ने मंगलवार को बड़ा महत्वपूर्ण संशोधन किया। इसे सरकार की मितव्ययिता से जोड़कर देखा जा रहा है। उसने नए अधिकारियों-कर्मचारियों का प्रोबेशन पीरियड यानी परिवीक्षा अवधि दो से बढ़ाकर तीन साल कर दी।
सरकार ने आज सीधी भर्ती के पदों पर आने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को तीन साल की परिवीक्षा अवधि में स्टायपेण्ड देने का फैसला किया। पहले साल में उन्हें जिस पद पर वे चयनित हुए हैं उस पद के वेतन का न्यूनतम 70 प्रतिशत मिलेगा। दूसरे वर्ष 80 फीसदी मिलेगा। तीसरे साल उन्हें उस पद के वेतनमान का 90 प्रतिशत मिलेगा।
हालांकि परिवीक्षा अवधि में उन्हें सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाले अन्य भत्ते भी मिलेंगे। प्रोबेशन खत्म होने पर जब वे सेवा या पद पर स्थायी रूप से नियुक्त होंगे, तब शासकीय सेवक का वेतन, उस सेवा या पद को लागू समयमान का न्यूनतम नियत किया जाएगा। सीधी भर्ती के पदों पर चयनित शासकीय सेवकों में पीएससी से चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति भी शामिल है। बताते हैं कि इस संशोधन या बदलाव से सरकार मितव्ययिता के साथ तीन साल अधिकारी-कर्मचारी के कामकाज पर नजर रखेगी। उसकी सेवा से संतुष्ट न होने पर कार्रवाई भी कर सकेगी। राज्यपाल अनुसूइया उइके की इस संशोधन को मंजूरी के बाद आज मंत्रालय ने सरकुलर जारी कर दिया।
मालूम हो कि मध्यप्रदेश में यह नियम पहले ही लागू हो चुका है। ओडिशा में तो प्रोबेशन पीरियड पांच साल का है। वहां पहले साल संबंधित पद का 50 प्रतिशत वेतन फिर हर साल वेतन में दस फीसदी की वृद्धि की जाती है।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/government-changes-in-salary-and-increments-of-new-officers-employees-probation-now-3-years-127563060.html
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