छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम में कथित तौर पर 6 करोड़ के मुद्रण व ग्रीन बोर्ड घोटाले में कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज करने के लिए अर्जी दे दी गई है। पापुनि की ओर से पुलिस में आवेदन देकर घोटाले की जांच करने का आग्रह किया गया है। हालांकि मुद्रण और ग्रीन बोर्ड में घपले की जांच निगम के आधा दर्जन अफसरों की टीम कर चुकी है। विभागीय जांच में घोटाला सामने आने के बाद प्रकरण शासन को भेजा गया था। शासन से एफआईआर दर्ज कराने की मंजूरी मिलने के बाद ही निगम की ओर से पुलिस में आवेदन दिया गया है।
पुलिस ने कोरोना लॉकडाउन के चलते अभी जांच शुरू नहीं की है। सीएसपी कोतवाली का कहना है कि अभी शिकायत का परीक्षण कर बाकी औपचारिकता पूरी की जा रही है। पापुनि की विभागीय समिति की ओर से पेश की गई रिपोर्ट में कहा गया था कि टेंडर में जिस कंपनी ने हिस्सा नहीं लिया, उनके फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें शामिल दिखाया गया और उसकी आड़ में अपनी मनपसंद कंपनी को ठेका दे दिया गया।
ठेके में जिन दो कंपनियों के फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत किए गए थे, उनकी ओर से लिखित में जानकारी दी गई कि उनकी फर्म ने टेंडर में हिस्सा ही नहीं लिया। इसके अलावा भी समिति को कई ऐसे प्रमाण मिले जिसके आधार पर रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। गौरतलब है कि राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो और एंटी करप्शन ब्यूरो भी इसी घोटाले की जांच कर रहा है।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/complaint-in-the-police-station-against-half-a-dozen-including-chaturvedi-in-printing-scam-of-6-crores-127563061.html
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