इस साल समय से पहले मानसून आने और जुलाई के पहले सप्ताह भी अच्छी बारिश के चलते जिले में 21 फीसदी फसलों की बोवनी का काम किसानों ने कर लिया है। इस साल जिले में 1 लाख 30 हजार 750 हेक्टेयर में खरीफ फसल का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जुलाई के पहले सप्ताह तक 27 हजार 875 हेक्टेयर में फसलों की बोवनी हो सकी है। इसमें सबसे अधिक 10 हजार हेक्टेयर में धान की बोवाई अब तक की गई है। जबकि 950 हेक्टेयर में धान रोपा लगाया गया है। कृषि विभाग के आरएईओ एसके जैन ने बताया कि 60 फीसदी से अधिक धान बोता पूरा हो गया है। यह बारिश किसानों के लिए बेहद फायदेमंद है। जिन किसानों ने बोवनी कर ली है, उसके लिए और भी अच्छा है। कृषि विज्ञान केंद्र सलका के वैज्ञानिक डाॅ. केसी राजहंस ने बताया कि जिन किसानों ने दो चार दिन पहले बोवनी की है, वे खेतों में पानी जमा न होने दें। ऐसे में बीजों के खराब होने की अधिक आशंका है। यदि बीज में अंकुरण आ गया है और पौधे कुछ बड़े हो गए हैं तो किसी तरह की परेशानी नहीं है। गौरतलब है कि जिले के पांचों ब्लाॅक में इस साल धान का रकबा 53 हजार हेक्टेयर किया गया है। जो पिछले साल से 6 हजार हेक्टेयर कम है। सावन लगते ही खेतों में रोपाई में तेजी आई है। अब जुलाई-अगस्त माह तक 36 हजार हेक्टेयर में धान रोपा लगाने की तैयारी किसानों के द्वारा की जा रही है।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/bilaspur/ambikapur/news/paddy-aims-at-53-thousand-hectares-6-thousand-less-than-last-year-127494006.html
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