6 महीने में 411 लोगों से 25 लाख की ऑनलाइन ठगी, तुरंत शिकायत की तो 16 लाख वापस मिले

प्रमोद साहू |राजधानी रायपुर में पिछले 6 महीने में 411 लोग ऑनलाइन जालसाजी के शिकार हुए हैं। अलग-अलग तरीके से झांसा देकर उनके खाते से 25.56 लाख रुपए ठगों ने सेंधमारी करके उड़ा दिए। पुलिस ने भी शिकायतें मिलने के बाद तत्परता दिखाई। बैंक से खाता ब्लॉक कराकर संबंधित बैंक, ई-वालेट कंपनी को मेल किया और 70 फीसदी लोगों का पैसा लौटा दिया। पुलिस ने ठगों के खातों में सेंध करके लोगों का 16 लाख रुपए वापस लाया है। इसमें से अधिकांश लोगों ने तो पैसा वापस मिलने के बाद केस लिखाने से ही मना कर दिया। जनवरी से जून तक रायपुर के अलग-अलग थानों में 411 शिकायतें आई थी। इसमें से सिर्फ 20 फीसदी लोगों ने केस दर्ज कराया है। क्योंकि अधिकांश लोगों को अपने पैसे वापसी की चिंता थी। पैसा वापस आने के बाद अधिकांश लोगों ने केस दर्ज कराने से मना कर दिया। जबकि पुलिस ने लोगों से केस दर्ज कराने के लिए रिक्वेस्ट भी किया था। हालांकि कुछ बड़े केस में पुलिस ने खुद संज्ञान में लेकर केस दर्ज किया है।

ऐसे की गई कार्रवाई, तब मिला पैसा
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पहले केस दर्ज किया जाता था, फिर पैसा वापसी की कार्रवाई की जाती है। अब सिस्टम में बदलाव किया गया है। शिकायत मिलते ही लोगों का पैसा वापसी की कार्रवाई की जाती है। ठगी के शिकार व्यक्ति का पहले खाता ब्लॉक किया जाता है। फिर पैसा किस खाते या ई-वायलेट में गया, उस गेट-वे (पैसा जिसके माध्यम से ट्रांसफर) का पता किया जाता है। फिर संबंधित कंपनी और बैंक के अधिकारियों से संपर्क किया जाता है। उन्हें पैसों का ट्रांजेक्शन रोकने के लिए मेल किया जाता है। इसी माध्यम से पुलिस अधिकांश लोगों का पैसा लौटाने में सफल हो पाई है। उसके बाद केस दर्ज करके कार्रवाई की जाती है।

केस-1 |मोवा-पंडरी थाना इलाके के एक डॉक्टर की बुजुर्ग मां के पास बैंक अधिकारी के नाम से कॉल आई। उन्हें एटीएम कार्ड अपडेट कराने का झांसा दिया गया। अपडेट नहीं होने पर खाता ब्लॉक होने की बात कही गई। बुजुर्ग को एक लिंक भेजा गया, जिसे खोलते ही मोबाइल हैक हो गया। ठग ने मोबाइल में ओटीपी नंबर जनरेट करके खाते से 7.70 लाख निकाल लिया। बुजुर्ग की शिकायत के बाद पुलिस ने गेट-वे पता किया। यूपी के स्टेट बैंक की शाखा में पैसा गया था। पुलिस ने बैंक से संपर्क करके ट्रांजेक्शन रोका और पैसा वापस लाया।
केस-2 |देवेंद्र नगर के एक कारोबारी को आधार कार्ड लिंक करने का झांसा दिया गया। उसी दौरान उनके मोबाइल पर एक ओटीपी नंबर आया और ठग को ओटीपी नंबर बता दिया। उनके खाते से 99 हजार निकल गया। मोबाइल पर ट्रांजेक्शन का मैसेज आया। उन्होंने पहले खाता ब्लॉक कराया, फिर सिविल लाइन साइबर सेल में शिकायत की। पुलिस ने बैंक से ट्रांजेक्शन की जानकारी निकाली। बैलेंस हीरो एप से खाते में सेंध लगाया था। ई-वायलेट में ट्रांजेक्शन किया गया। पुलिस ने मेल करके पहले ट्रांजेक्शन रुकवाया। फिर पैसा वापस लाया गया।
पैसे वापसी की कार्रवाई पहले
"ऑनलाइन ठगी की शिकायत आने पर तुरंत पीड़ित का खाता ब्लॉक कराया जाता है। फिर पैसा वापसी की कार्रवाई की जाती है। पुलिस की प्राथमिकता पीड़िता का पैसा वापस कराना होती है। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाती है।"
-पंकज चंद्रा, एएसपी क्राइम एंड साइबर सेल



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25 lakhs were cheated online from 411 people in 6 months, complained immediately, 16 lakhs were returned


source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/25-lakhs-were-cheated-online-from-411-people-in-6-months-complained-immediately-16-lakhs-were-returned-127465271.html

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