कोरोना काल में बिना परीक्षा कराए मनोविज्ञान के 8 पदों पर लिखित परीक्षा के बजाए इंटरव्यू कराने की शिकायत बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदेव साय राज्यपाल से करेंगे।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (पीएससी) ने असिस्टेंट प्रोफेसर पद के 1384 पदों पर की जानी है। पहले दिव्यांगों के आरक्षण के विवाद को लेकर हाईकोर्ट ने भर्ती पर रोक लगाई थी। दिव्यांग आरक्षण में सुधार होने के बाद 4 और 5 मई को असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा आयोजित होनी थी,लेकिन आयोग ने कोरोनावायरस के लॉकडाउन की वजह से असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षा को स्थगित कर दी गई। अब मात्र 8 पदों पर लिखित परीक्षा के बजाए इंटरव्यू के माध्यम से भर्ती की जा रही है।
ऐसे में 2019 में सेट परीक्षा में पास हुए अभ्यर्थी बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष से मिलकर विषय प्रोफेसर की बहाली की मांग की है। अभ्यर्थियों ने उन्हें बताया कि पिछले कुछ साल में प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में मांग के आधार पर काॅलेज तो खोले गए, किंतु विडंबना यह है कि उन महाविद्यालयों में शिक्षकों की बहाली नहीं होने से उनके खोलने का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है। यूजीसी ने राज्य को व्यापमं के माध्यम से तीन बार राज्य पात्रता परीक्षा सेट कराने के बाद असिस्टेंट प्रोफेसर बहाली कराने को कहा था। छत्तीसगढ व्यापमं ने तीसरी बार सेट की परीक्षा 8 सितम्बर19 को कराई जिसके नतीजे 9 महीने देरी से 24 जून को जारी हुए। इससे प्रदेश के 2500 हजार छात्र इस परीक्षा में शामिल नहीं हो पा रहे है। छात्रों का कहना था कि राज्य लोक सेवा आयोग ने 23 नवम्बर19 को 27 विषयों के 1384 पदों पर नियुक्ति के लिए नोटिफिकेशन जारी हुई थी, जिसमे कई खामियां थी। इस वजह से आज तक भर्ती परीक्षा नहीं की जा सकी है।
कभी दिव्यांगों को आरक्षण देने में त्रुटि कभी उम्र सीमा संबंधी विवाद तो कभी योग्यता संबंधी विवादों की वजह से भर्ती लटकाई गई। वर्तमान में भी भर्ती परीक्षा में कुछ विसंगतिया है, जिसका निवारण आवश्यक हैं। विष्णुदेव साय ने कहा कि यूजीसी की गाइड लाइन का छत्तीसगढ में उल्लंघन हुआ है। उस संबंध में यूजीसी को हस्तक्षेप किया जाना चाहिए। इसी तरह इस परीक्षा में एक अन्य विसंगति है कि मनोविज्ञान, सेरीकल्चर, और टसर टेक्नोलॉजी विषय में बिना मुख्य परीक्षा कराए कम परीक्षार्थी होने का हवाला देकर इन विषयों में सीधे साक्षात्कार करना भी नियम विरुद्ध है। लोकसेवा आयोग ने मनोविज्ञान के 8 पद पर 13 लोगो ने परीक्षा का फार्म भरा है आयोग मुख्य परीक्षा न कराकर 5 अगस्त को साक्षात्कार आयोजित कर रहा है। बीजेपी इस पर सवाल उठा रही है आखिर कोरोनाकाल में जब रायपुर में इतने संक्रमण के मामले आ रहे है तो इतनी जल्दबाजी और आनन - फानन में आयोग किसके दबाव में साक्षात्कार आयोजित कर रहा है। साथ ही परीक्षा की सुचिता पर सवालिया निशान लगाती है। बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष का कहना था जल्दी राज्यपाल से मिलकर इस इसमें हस्तक्षेप की मांग करेंगे।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raigarh/jashpur/news/opposition-to-recruit-only-8-posts-of-assistant-professor-will-complain-to-the-governor-127532302.html
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