घटिया सोयाबीन बीज को प्रमाणिक बताकर 6 हजार रुपए प्रति क्विंटल में किसानों को बेच दिया। भास्कर में 30 जून के अंक में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद कृषि विभाग हरकत में आई। बीज के सैंपल के लेकर रायपुर के प्रयोगशाला भेजे थे, जहां ये सैंपल जांच में फेल हो गए। यानी बोनी के लायक नहीं निकले।
फर्जीवाड़े का भांडा फूटने पर कृषि विभाग के उपसंचालक मोरध्वज डड़सेना ने सोयाबीन जेसी 9305 और जेसी 9560 बीज के भंडारण व विक्रय पर रोक लगा दी है। बीज नियंत्रण आदेश- 1983 के खंड 11 में प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए यह कार्रवाई की गई। मिली जानकारी के मुताबिक जिले में 1700 क्विंटल जेसी 9305 और जेसी 9560 सोयाबीन बीज का भंडारण किया गया था। इनमें से लगभग 1400 क्विंटल बीज समितियों के जरिए 6 हजार रुपए प्रति क्विंटल की दर से किसानों को बांटे गए थे। खेतों में बोआई के 15 से 20 दिन बाद भी बीजों से अंकुर नहीं फूटे।
30 जून को भास्कर में खबर प्रकाशित होने पर सहसपुर लोहारा तहसील क्षेत्र के 40 से 50 किसानों ने मामले की शिकायत कृषि विभाग में की । इसे गंभीरता से लेते हुए कृषि विभाग ने बीजों का सैंपल जांच के लिए रायपुर प्रयोगशाला भेजा था। सेवा सहकारी समिति ठाठापुर में सोयाबीन जेसी 9560 लॉट नंबर ओसीटी- 19-34-77-131-3सीआई में 41 प्रतिशत अंकुरण निकला। इसी तरह सोयाबीन जेसी- 9305 ओसीटी- 19-34- 69-263 सीआईआई में 31 प्रतिशत, सेवा सहकारी समिति गोछिया में सोयाबीन जेसी- 9560 लॉट नंबर ओसीटी- 19-34-77-87सीआई में 50 प्रतिशत और सोयाबीन जेसी- 9305 ओसीटी- 19-34-77-61 सीआई में 45 प्रतिशत अंकुरण निकला। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के मुताबिक 70 प्रतिशत अंकुरण वाले बीज को ही बोवनी के लिए प्रमाणित माना जाता है।
शेष तीन ब्लॉकों में बुआई हो चुके बीजों का सर्वे जारी
सहसपुर लोहारा क्षेत्र में घटिया सोयाबीन बीज के वितरण पर रोक लगा दी गई है। वहीं कवर्धा, बोड़ला और पंडरिया ब्लॉक से भी इस बीज को लेकर शिकायतें मिल रही है। इस पर बीज निगम की टीम बोआई हो चुके बीजों का सर्वे कर रही है। सर्वे में बीजों के अंकुरण न होना पाए जाने पर किसानों को बीज के बदले बीज या फिर पैसा लौटाएंगे।
अंकुरण न होने से दोबारा बुआई करनी पड़ रही
खैरझिटी (पुराना) के किसान बिजेंद्र सिन्हा का कहना है कि 2 एकड़ रकबे में 9305 वैरायटी वाले सोयाबीन बीज की बोआई की थी। पर अंकुर नहीं फूटे हैं। प्रति क्विंटल 6 हजार रुपए की दर से बीज खरीदा था। अब दूसरी वैरायटी का बीज खरीदकर दोबारा बुआई करनी पड़ेगी।
प्रभावित किसानों को बीज की राशि लौटाएंगे: सिंह
बीज निगम के प्रभारी प्रबंधक डीपी सिंह का कहना है कि प्रभावित किसानों को बीज के बदले बीज या उनकी राशि लौटाएंगे। जिस फर्म से यह बीज खरीदे थे, उनका भुगतान रोका जाएगा। यह सोयाबीन बीज कबीरधाम के अलावा मुंगेली और बेमेतरा जिले के किसानों को भी बांटी गई है।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/bhilai/bemetara/news/soybean-jc-9305-and-jc-9560-ban-on-selling-seeds-127482708.html
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