शनिवार को दो इनामी नक्सल समर्थकों के साथ कुल 7 लोगों ने सरेंडर कर दिया। सरेंडर करने वाले सभी कुआकोंडा इलाके के रहने वाले हैं। इनमें 2 लाख की इनामी महिला नक्सली मददगार हड़में मंडावी और 1 लाख के इनामी लिंगा मंडावी शामिल हैं। इनके साथ लखमा मंडावी, लखन मंडावी, सोना मंडावी, गगन मंडावी, सुरेश मंडावी ने भी पुलिस कैंप पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। स्थानीय बोली में सरेंडर करने वाले इनामी नक्सल मददगार ने बताया कि इन्हें लोग जानते नहीं थे, कि यह नक्सलियों के लिए काम करते थे। मगर नाम और तस्वीर के पोस्टर गांव-गांव में लगने लगे तो लोग हमने नफरत करने लगे। इस लिए हमने यह काम अब छोड़ने का फैसला किया है।
सरेंडर करने वाले इन 7 लोगों ने कई बार नक्सलियों के लिए वसूली, खाने का बंदोबस्त, बड़े नक्सल लीडर की बैठकों के लिए भीड़ जमा करना, पुलिस के बारे में नक्सलियों को जानकारी देना, सड़कें काटना, आईईडी लगाने जैसी हरकतें किया करते थे। दंतेवाड़ा के एसपी अभिषेक पल्लव और सीआरपीएफ के अधिकारियों की मौजूदगी में यह सरेंडर हुआ। पुलिस ने लोन वर्राटू अभियान चला रखा है। स्थानीय बोली के इस शब्द का मतलब होता है घर वापस आइए। इसी सप्ताह 18 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। इस अभियान के तहत पुलिस नक्सलियों के परिजन, पहले सरेंडर कर चुके नक्सलियों से संपर्क कर उनके साथियों से नक्सलवाद छोड़ने की अपील करवा रही है।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/news/4-naxalites-surrender-in-dantewada-sp-abhishek-pallava-kuaconda-dantewada-naxal-chhattisgarh-127476840.html
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