एक सप्ताह के लिए होने वाला लॉकडाउन मंगलवार रात 12 से जिले में प्रभावशील हो चुका है। इस बार सख्ती तगड़ी रहेगी, गली कूचों तक में जवान तैनात रहेंगे। पेट्रोलिंग इतनी तगड़ी रहेगी कि जरा उल्लंघन होने पर सीधे जेल का रास्ता दिखाया जाएगा।
इधर लाॅकडाउन के एक दिन पहले मंगलवार को लोग बड़ी तादाद में जरूरी सामान लेने बाजार की सड़कों पर दिखे। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग तो गायब थी ही, लोगों ने चेहरों पर मास्क भी नहीं लगाए थे। लॉकडाउन के पहले लोग इस तरह बाजार में उमड़े जैसे किसी त्योहार पर खरीदारी कर रहे हों।
पिछले लाॅकडाउन में सड़कों पर तो पुलिस ने नियंत्रण कर लिया था, लेकिन मोहल्लों की भीतरी सड़कों और गलियों, तालाबों के किनारे, खेल मैदानों व किराना दुकानों के नाम पर नियमों का जमकर उल्लंघन हुआ। इस बार पुलिस ने मोहल्लों और गलियों में भी अपना फोकस रखेगी। जिला प्रशासन ने रविवार से 8 दिनों के लिए जिले भर में लॉकडाउन का निर्णय लिया है।
अधिकारियों का कहना है कि लॉकडाउन का सख्ती से अनुपालन कराया जाएगा। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में लोगों की सहुलियतों को ध्यान में रखते हुए कुछ छूट का भी उल्लेख है। सरकारी व अर्ध सरकारी कार्यालयों के साथ साथ बैंक, एटीएम, पोस्टॉफिस, बीमा और निजी चिकित्सा संस्था लॉकडाउन में भी खुले रहेंगे लेकिन सरकारी कार्यालयों में आमजनों के प्रवेश पर पाबंदी रहेगी। एसपी इंदिरा कल्याण एलेसेला ने साफ कर दिया है कि पिछली बार के लाॅकडाउन में यह फर्क है कि लोग इस महामारी की गंभीरता को समझने लगे हैं मगर फिर भी जरूरत पड़ने पर पुलिस सख्ती करेगी, लेकिन ज्यादा जोर कार्रवाई पर रहेगा। पकड़े गए लोगों को सीधे थाने लाकर प्रतिबंधात्मक धाराओं में मजिस्ट्रेट के यहां पेश कर दिया जाएगा। बाहर निकलने का पुख्ता कारण नहीं बताने वालों की गाड़ी जब्त कर कोर्ट में पेश की जाएगी। गलियों में नजर रखने के लिए पुलिस पेट्रोलिंग गाड़ियों के माध्यम से लगातार गश्त करती रहेगी।
इन धाराओं के तहत हो सकती है कार्रवाई
शासन के आदेश के उल्लंघन पर धारा 188 का केस दर्ज करेंगे। यह दुकान खोलने पर या भीड़ इकट्ठा करने पर दर्ज होगा। इसमें 6 महीने तक कैद और जुर्माना है। वहीं लापरवाही से किसी के जीवन के लिए खतरा पैदा करना या संक्रमण फैलाने पर धारा 269 के तहत कार्रवाई होगी इसमें भी 6 महीने के कारावास या जुर्माने की सजा है। धारा 270 में जीवन के लिए खतरनाक किसी भी बीमारी के संक्रमण के प्रसार की संभावना होने पर कार्रवाई की जाती है। इसमें दो साल की सजा, भारी जुर्माने का प्रावधान है।
माॅर्निंग और इवनिंगवाॅक पर रहेगी रोक
जिले में माॅर्निंग और इवनिंग वाॅक पर भी रोक लगा दी गई है। यही नहीं, इस बार मोहल्लों और गलियों के भीतर पुलिस प्वाइंट लगाए जा रहे हैं क्योंकि पुलिस को अंदेशा है कि जिनके घरों में दुकानें हैं, वे खोलकर बिजनेस कर सकते हैं। ऐसे लोगों पर इस बार सख्त नजर रहेगी। बस्तियों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि वहां लोग मास्क नहीं लगाते और दिनभर जमावड़ा लगाए रहते हैं तथा पुलिस को देखकर भीतर चले जाते हैं। एसपी के मुताबिक इस बार ऐसे लोगों से निपटने का सिस्टम भी बनाया गया है।
नाकेबंदी की जाएगी, बाइक पर घूमेंगे जवान
जिले मे कोरोना के 21 केस ही एक्टिव है लेकिन कोरोना संक्रमण से पूरी तरह जंग जीतने के लिए सख्ती जरूरी है। यही वजह है कि प्रशासन के आदेश का उल्लंघन करने वाले या नियम का पालन नहीं करने वालों पर सख्ती की जाएगी। शहर के लटुवा रोड चौगड्डा, रायपुर रोड बायपास, रिसदा रोड पर नाकेबंदी की जाएगी। हर नाकेबंदी प्वाइंट पर 5-6 पुलिस के 5-6 जवान चौबीसों घंटे तैनात रहेंगे तथा नाका क्राॅस करने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर नजर रखी जाएगी। शहर में गश्त के लिए 4 पेट्रोलिंग वाहन के साथ साथ बस्तियों व गली मुहल्लों के लिए दर्जनभर बाइक टीमें बनाई गई हैं, जो दोपहिया पर सवार होकर गलियों में घूमेंगी।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/balodabazar/news/the-crowd-gathered-in-the-market-before-the-lockdown-127537557.html
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