जैन समाज शनिवार से चातुर्मास मनाएगा। शहर में जहां-जहां चातुर्मास होने हैं वहां साधु-संतों का मंगल प्रवेश शुरू हो गया है। प्रवचन को लेकर अब भी दुविधा की स्थिति है। वो इसलिए क्योंकि कोविड 19 के चलते फिलहाल बड़े कार्यक्रमों की अनुमति नहीं है। हालांकि, महामारी के संक्रमण को देखते हुए समाज भी इस बार सादगी से चातुर्मास मनाने की तैयारी में है। समाज ने बचाव उपायों काे अपनाते हुए प्रवचन कराने के लिए सरकार ने अनुमति मांगी है।
बुधवार को विवेकानंद नगर स्थित संभवनाथ जिनालय में साध्वी मनोरंजना श्रीजी समेत 8 साध्वियों का मंगल प्रवेश हुआ। साध्वी सम्यक दर्शना श्रीजी भी इस दौरान मौजूद रहीं। चातुर्मास के लिए एमजी रोड स्थित जैन दादाबाड़ी में गुरुवार को उनका मंगल प्रवेश होगा। इधर, संभवनाथ जिनालय पहुंचते ही साध्वियों ने देवदर्शन किए। फिर ज्ञान वल्लभ उपाश्रय में प्रवचन सभा हुई। साध्वी मनोरंजना श्रीजी ने कहा कि चातुर्मास हमें संयम की सीख देता है। जब जीवन में संयम आ जाएगा तो व्यक्ति वही रहेगा, व्यक्तित्व बदल जाएगा। दृष्टि वही रहेगी, नजरिया बदल जाएगा। चातुर्मास समिति के अध्यक्ष पुखराज मुणोत, जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक समाज के अध्यक्ष श्यामसुंदर बैदमुथा, ऋषभदेव मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष विजय कांकरिया, सुरेश भंसाली, सुरेश बरड़िया आदि मौजूद रहे।
बचाव की तैयारी पूरी अनुमति का इंतजार
चातुर्मास समिति के प्रचार प्रसार प्रभारी चंद्रप्रकाश ललवानी ने बताया कि प्रवचन सभा होगी या नहीं, अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। अपने स्तर पर बचाव को लेकर तैयारियां कर ली गई हैं। प्रशासन से अनुमति मांगी है। अनुमति मिली तो फिजिकल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए कम से कम श्रावक-श्राविकाओं को बिठाया जाएगा। सभी अनुष्ठानों सादगी से होंगे।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/mars-entry-started-dilemma-still-on-discourse-127469068.html
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