छत्तीसगढ़ के भिलाई नगर निगम की सामान्य सभा में शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। एलईडी लाइट घोटाले में पूर्व मंत्री का नाम आने के बाद सदन का माहौल गरमा गया। कांग्रेस पार्षदों और सभापति के बीच बहस होने लगी। इस दौरान सभापति पार्षदों को शांत कराने के दौरान इतना ज्यादा उत्तेजित हो गए कि उनका ब्लड प्रेशर बढ़ गया। हालांकि,किसी तरह माहौल को शांत किया गया। फिलहाल सदन की कार्यवाही अभी जारी है।
दरअसल, सारा मामला कांग्रेस पार्षदों की ओर से क्षेत्र में एलईडी लाइट लगवाने से शुरू हुआ। पार्षदो ने आरोप लगाया कि उनके वार्डो में एलईडी लाइट नहीं लगी है। सेक्टर-3 की पार्षद इंद्रा वर्मा ने कहा कि उनका पूरा वार्ड ही अंधेरे में रहता है। उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री और उनके लोगों ने कहा था कि एलईडी लाइट लगेगी पर आज तक नहीं लगी, तो गई कहां। आरोप लगाया कि कुछ वार्डों में लगाकर घोटाला किया गया है।
कांग्रेस पार्षदाें के एक साथ बोलने पर गरमाया सदन
इसके बाद कांग्रेस पार्षद लक्ष्मीपति राजू, जोहन सिन्हा और सूर्यकांत सिन्हा ने भी इस मुद्दे को हवा दे दी। इसके बाद सदन का माहौल गरमा गया। सभापति श्याम सुंदर ने पार्षदों को बैठने के लिए कहा, पर बात बढ़ती चली गई और उनका ब्लड प्रेशर बढ़ गया। वहीं लक्ष्मी पति राजू और सूर्यकांत ने आरोप लगाया कि सभापति से शांतिपूर्ण व्यवस्था बनाने को कहा तो वे भड़क गए। कहा, तुम लोग कुछ भी बोलोगे, आरोप लगाओगे तो सुनते रहेंगे क्या?
कांग्रेस का आरोप- पूर्व मंत्री ने एलईडी का प्रस्ताव कराया था स्वीकृत
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि पार्षद वशिष्ठ नारायण मिश्रा ने एलईडी का प्रस्ताव सामान्य सभा ने रख कर स्वीकृत कराया था। इसके लिए बताया गया था कि पूर्व मंत्री की स्वीकृति मिल गई है। उन्होंने पूरी जिम्मेदारी भी ली थी क्षेत्रों में लाइट लगवाने की। साथ ही सवाल भी उठाया कि आखिर पूर्व मंत्री का नाम घोटाले में आने के बाद सभापित क्यों भड़क उठे?
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/news/uproar-in-bhilai-nagar-nigam-meeting-on-name-of-former-minister-in-led-light-scam-in-chhattisgarh-127522139.html
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