लॉकडाउन के बाद ऑनलाइन पढ़ाई शुरू की गई । धरमजयगढ़ ब्लाॅक के लाखीमार गांव में मोबाइल नेटवर्क नहीं होने से प्राइमरी स्कूल के बच्चों की पढ़ाई बाधित हुई तो स्कूल के एक शिक्षक निरंजन पटेल ने नया तरीका ढूंढ लिया। स्कूल शिक्षा विभाग ने पढ़ई तुंहर दुआर में बेस्ट परफॉर्मेंस मानकर निरंजन के नवाचार को सीजी स्कूल की वेबसाइट पर अपलोड किया गया ताकि दूसरे शिक्षक इससे प्रेरणा लें।
लाखीमार धरमजयगढ़ से 52 किलोमीटर घने जंगलों से घिरा हाथी प्रभावित गांव है। गांव के प्राइमरी स्कूल के शिक्षक निरंजन पटेल ने जब गांव में नेटवर्क की समस्या देखी तो लाउडस्पीकर और मोहल्लों में ब्लैक बोर्ड लगाकर पढ़ाई शुरू कराई।
उन्होंने गिनती, पहाड़ा, 12 खड़ी, स्वर व्यंजन, कविता, हिन्दी और अंग्रेजी के अल्फाबेट के फ्लैक्स बनवाकर अलग-अलग मोहल्लों में लगवा दिए हैं। गांव में जो शिक्षित युवा हैं उन्हें भी प्राइमरी स्कूल के बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। वे पंचायत के चबूतरे और घरों के बाहर बरामदे में पांच-छह बच्चों को डिस्टेंसिंग के साथ पढ़ाते हैं।
प्रोफेसरों ने भी वाट्सएप, वे बेक्स और जूम एप से जोड़े विद्यार्थी
जिले में स्कूल के साथ ही कॉलेज के कुछ प्रोफेसर भी बदले युग में ऑनलाइन शिक्षा में लीक से हटकर काम कर रहे हैं। खरसिया में सरकारी कॉलेज में सिलेबस को पूरा करने के लिए आरके टंडन समेत 10 प्राध्यापकों ने स्टूडेंट्स को जूम एप, वे बेक्स जैसे एप से जोड़ा है । वाट्सएप ग्रुप बनाकर पढ़ाई करा रहे हैं। कॉलेज खुलने के बाद भी इसी तरह से पढ़ाई शुरू कराने की प्लानिंग की है । इसमें मास्टर और ग्रेजुएशन के स्टूडेंट्स को भी जोड़ा जाएगा । एक दिन पहले सब्जेक्ट शेड्यूल बनाकर स्टूडेंट्स इसकी जानकारी देते हैं। ऐसी पढ़ाई जिले के दूसरे कॉलेजों में नहीं हो पा रही है। इसमें 10 से ज्यादा प्रोफेसर क्लास लेते हैं । पोस्ट ग्रेजुएशन के क्लासेस में 10-12 स्टूडेंट्स सभी ने इसमें हिस्सा लिया था।
400 ऑडियो व वीडियो क्लिप्स बना चुके हैं
निरंजन ने बताया कि प्रायमरी स्कूल में 35 स्टूडेंट्स हैं लेकिन वे स्कूल के अलावा गांव के सभी बच्चों को पढ़ाते हैं। लॉकडाउन के बाद 400 ऑडियो व वीडियो क्लिप भी बना चुके हैं। प्रायमरी क्लास की पढ़ाई इनके माध्यम से पूरी हो जाती है। पंचायत के सहयोग से लाउडस्पीकर खरीदा और उसे गांव के बीच ऐसे घरों में लगाया जिसमें सभी बच्चे उसे सुन सकें । लाउडस्पीकर ऑन होते ही बच्चे घरों के बाहर आ जाते हैं। इसमें कहानियां, पहाड़ा, कविताएं के साथ जागरूकता संदेश भी सुनाते हैं।
इस नए इनोवेशन को दूसरे शिक्षक भी अपनाएंगे
निरंजन पटेल लाउडस्पीकर लगाकर और युवाओं को साथ जोड़ बच्चों को पढ़ा रहे हैं। इसे कुछ दिनों पहले पोर्टल में पूरे राज्य शिक्षकों के सामने नायक की उपाधि दी है। उनके द्वारा किए गए नवाचार को साझा किया है ताकि दूसरे शिक्षक ऐसी तरकीब का इस्तेमाल कर बच्चों को पढ़ाएं। जहां नेटवर्क की समस्या है वहां के स्टूडेंट्स को इससे लाभ होगा।''
आरके देवांगन, समन्वयक, राजीव गांधी शिक्षा मिशन
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raigarh/news/put-up-loudspeaker-in-the-village-teach-children-in-mohallas-127532325.html
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