राजधानी में शनिवार को पहली दफे आंगनबाड़ी केंद्रों में छापे पड़े। महिला बाल विकास विभाग के अफसरों ने बच्चों के रेडी-टू-ईट न मिलने, कम गुणवत्ता वाला सामान बांटने और कई आंतरिक कमियां पकड़ी गईं। रेडी-टू-ईट के सैंपल भी लिए गए हैं। इन्हें जांच के लिए लैब भेजा जा रहा है।
तीन-चार अफसरों पर कार्रवाई की अनुशंसा कर दी गई है। संचालक दिव्या मिश्रा ने कड़ी चेतावनी दी है कि अब यह सब नहीं चलेगा। बताते हैं कि अब तक गांवों में ही जांच की जाती थी। इस वजह से शहर के आंगनबाड़ी संचालक निश्चिंत थे। विभाग को जांच में नाक के नीचे ही गड़बड़ी मिल गई। मिश्रा आज कुछ अफसरों के साथ ईदगाहभाठा, कुशालपुर और पंचपथ चौक के दो सेंटरों समेत पांच सेंटरों में जांच करने पहुंची। इससे आंगनबाड़ी सेंटरों में खलबली मच गई। कई सेंटरों का रिकार्ड खंगालने व लोगों से बात करने पर पता चला कि लॉक डाउन के बाद से ही सभी लोगों को रेडी-टू-ईट व सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।पोषण आहार वितरण में अनियमितता के लिए जिम्मेदारों पर कार्रवाई की अनुशंसा की गई। संचालक ने निरीक्षण में रायपुर शहर-1 के 3 आंगनबाड़ियों में हितग्राहियों को पोषण आहार वितरण में अनियमितता पाए जाने पर सभी उत्तरदायी अधिकारियों और कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।
बड़ी कार्रवाई की तैयारी
मालूम हो कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशों के बाद विभाग के अधिकारी प्रदेश भर में निरीक्षण कर रहे हैं। पिछले दिनों जांजगारी-चांपा में बड़ी गड़बड़ियां मिलने पर अफसरों को शो काड नोटिस इश्यू किए जा चुके हैं। शासन बरसों से आंगनबाड़ी केंद्रों में चल रहा माफिया तोड़ने की कोशिश कर रहा है। जांच में फंसे लोगों पर मेजर एक्शन की तैयारी की जा रही है।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/raids-in-the-capitals-anganwadis-for-the-first-time-operators-caught-in-a-mess-127528696.html
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