गुरु पूर्णिमा रविवार को मनाई जाएगी। महामारी के खतरे को देखते हुए इस बार किसी मठ-मंदिर में उत्सव नहीं मनाया जाएगा। सारे अनुष्ठान भी सादगी से संपन्न कराए जाएंगे। इसके अलावा गुरुओं ने अपने शिष्यों से भी यही अपील की है कि वे इस बार उनके पास आने के बजाय घर में रहकर ही गुरु पूजा करें।
अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाए वही गुरु: डॉ. चरणदास महंत
स्पीकर डॉ चरणदास महंत ने कहा कि “ गु “ यानी अंधकार “ रू “ यानी निरोधक। यानी जो अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाता है, उसे ही गुरु कहा गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि गुरु अपने शिष्यों को हर संकट से बचाने के लिए प्रेरणा देते हैं। गुरु पूर्णिमा को वेद व्यास की जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। हमारा प्रदेश गुरुओं का प्रदेश है। गुरु घासीदास, संत कबीर दास जैसे महान गुरुओं की प्रेरणा हम सभी का मार्गप्रशस्त करती है।
एक गुरु ऐसे जो 84 की उम्र में भी सिखा रहे सितार वादन
छत्तीसगढ़ के माटीपुत्र पं. सुधाकर रामभाऊ शिवलीकर ने न सिर्फ 84 की उम्र में भी सितार वादन की कठिन विधा को जिंदा रखा है, बल्कि आज भी शिष्यों को सीखा रहे हैं। तात्यापारा के प्रसिद्ध कलाकार परिवार में जन्मे रामभाऊ ने श्रीराम संगीत महाविद्यालय के शिक्षक स्व. ध्रुव नारायण अग्रवाल से शिक्षा ग्रहण कर 1954 में खैरागढ़ विश्वविद्यालय से संगीतविद् की उपाधि प्राप्त की। फिर भिलाई को अपनी कर्मभूमि बनाया।
रावतपुरा सरकार आश्रम : धनेली स्थित रावतपुरा सरकार आश्रम में भी इस बार कोई उत्सव नहीं मनेगा। संत रविशंकर महाराज ‘रावतपुरा सरकार’ ने शिष्यों से अपील की है कि शासकीय नियमों का पालन करें और घर पर रहकर ही पूजा करें। उन्होंने गुरु पूजा कर पूरे विश्व को कोरोना महामारी से मुक्ति दिलाने की प्रार्थना करनेे की अपील भी की है। बता दें कि अभी रावतपुरा सरकार अपनी जन्म स्थली छिपरी, टीकमगढ़ में चातुर्मास व्रत कर रहे हैं।
सुदर्शन संस्थानम रावांभाठा : सुदर्शन संस्थानम रावांभाठा, गोवर्धन मठ पुरी के पीठाधीश्वर शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती महाराज के धर्मसंघ पीठ परिषद, आदित्यवाहिनी, आनंदवाहिनी द्वारा सुबह 11 बजे सामूहिक रुद्राभिषेक कर गुरु पूजा की जाएगी। इसमें शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती के सभी शिष्य शामिल होंगे। फिजिकल डिस्टेंसिंग के साथ पूजा संपन्न होगी। भक्तों से अपील की गई है कि वे मास्क लगाकर ही अनुष्ठान में शामिल हों।
विश्व जागृति मिशन : विश्व जागृति मिशन ने घर पर ही गुरुदेव सुधांशु महाराज की पूजा का आह्वान किया है। मीडिया प्रभारी अश्विनी विग ने बताया कि सुबह 10 बजे एक दीप प्रज्वलित कर गुरु चरणों की वंदना करेंगे और उन्हें पुष्प अर्पित करेंगे। इसके बाद गुरु मंत्र की माला का जाप कर महाआरती की जाएगी। कोरोना महामारी से मुक्ति के लिए प्रार्थना करेंगे।
दूधाधारी मठ : इस मौके पर मठ के प्रथम महंत दूधाधारी महाराज की पूजा की जाएगी। इसके अलावा मठ के वर्तमान महंत राजेश्री डॉ. रामसुंदर दास की भी उनके शिष्यों द्वारा पूजा की जाएगी। रामछबि दास ने बताया कि हर साल इस मौके पर मठ परिसर में भंडारा होता था, लेकिन कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए इस बार कोई कार्यक्रम नहीं होगा। प्रसाद भी नहीं बांटा जाएगा। फिजिकल डिस्टेंसिंग के साथ पूजा संपन्न होगी।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/gurupurnima-today-celebrations-will-not-be-held-in-temples-worship-will-be-done-in-homes-127479178.html
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