दूसरी भाषा का ज्ञान करियर ग्रोथ की संभावनाओं को बढ़ाता है। कोराेना संक्रमण के कारण शिक्षण संस्थाएं बंद हैं। ऐसे में स्टूडेंट्स इस खाली वक्त में फ्रेंच, स्पेनिश, जर्मन जैसी दूसरी भाषाएं सीखकर तरक्की की नई राह खोल रहे हैं। साथ ही अपने जॉब ऑप्शन भी बढ़ा रहे हैं। कोरोना काल में अपने नॉलेज और स्किल को बढ़ाने में प्रोफेशनल्स भी पीछे नहीं हैं। वे भी शहर में संचालित गवर्नमेंट और प्राइवेट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की ऑनलाइन क्लास अटेंड कर रहे हैं। साढ़े तीन महीने में विदेशी भाषा सीखने वाले दो गुना हो गए हैं। कई लोग यूट्यूब चैनल्स के जरिए विदेशी भाषा सीख रहे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कोरोना के इस दौर में विदेशी भाषाओं की डिमांड बढ़ी है।
वीडियोज के जरिए दे रहे फ्रेंच लैंग्वेज की ट्रेनिंग
टाटीबंध में रहने वाले सिमरन जीत सिंह खैरा मर्चेंट नेवी में इंजीनियर हैं। उन्होंने बताया, ड्यूटी के दौरान मुझे फ्रेंच भाषा सीखने की जरूरत समझ आई। क्योंकि ज्यादातर देशों में फ्रेंच ऑफिशियल लैंग्वेज के तौर पर इस्तेमाल की जाती है। इसे सीखना आसान है क्योंकि इसके अल्फाबेट और इंग्लिश के अल्फाबेट दोनों लगभग समान हैं। फ्रेंच पढ़ने के लिए नए अल्फाबेट सीखने की जरूरत नहीं पड़ती। लेकिन ग्रैमर, रूल्स सीखना होता है। लॉकडाउन के दौरान अप्रैल से ही फ्रेंच लर्निंग के लिए यूट्यूब पर लर्न फ्रेंच विद एपल चैनल रन कर रहा हूं। इसमें कई लोग क्लास के लिए संपर्क करते हैं। 15 से 20 मिनट के वीडियो बनाता हूं जिसमें फ्रेंच सीखने के बेसिक्स होते हैं। एक वीडियो को बनाने में 8 से 10 दिन लगते हैं। अब तक दस वीडियो अपलोड कर चुका हूं। मेरा मानना है कि दूसरी लैंग्वेज सीखकर खाली वक्त का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है।
250 से ज्यादा लोग जर्मन, फ्रेंच के लिए कर चुके हैं पूछताछ
एक लैंग्वेज लर्निंग सेंटर के सिद्धार्थ कुमार ने बताया, बीते तीन महीने में 250 से ज्यादा लोग जर्मन, स्पेनिश और फ्रेंच सीखने के लिए पूछताछ कर चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा स्टूडेंट्स हैं। अभी उनके पास काफी वक्त है, जिसका वे फायदा उठा सकते हैं। सूचना तकनीक के केंद्र बेंगलुरु, हैदराबाद और गुरुग्राम जैसे शहरों में विदेशी भाषा के जानकार युवाओं की काफी मांग है। कोरोना संक्रमण की स्थितियां सामान्य होने के बाद ऐसे युवा पर्यटन उद्योग के तहत टूरिस्ट गाइड या टूर ऑपरेटर के तौर पर करियर बना सकते हैं।
नई भाषा की हर साल बढ़ रही डिमांड, ताकि मिले बेहतर एक्सपोजर
जर्मन लैंग्वेज की जानकार और ट्रेनिंग देने वालीं प्रो. नीता गुप्ता ने बताया, हर साल कई स्टूडेंट्स और प्रोफेशनल्स विदेशी भाषाएं सीखने के लिए आवेदन करते हैं। ये आंकड़ा हर साल बढ़ रहा है। उनका एक ही मकसद होता है कि वे विदेशी कंपनियों में बिना किसी परेशानी के काम कर सकें और करियर को बेहतर बना सकें। इंटरनेशनल कंपनी में जॉब करने या विदेशी यूनिवर्सिटी से हायर स्टडी के लिए जाने वाले स्टूडेंट्स के रिज्यूम में एक्स्ट्रा लैंग्वेज से वेटेज भी बढ़ता है। ज्यादातर कंपनियां ऐसे ही लोगों को प्राथमिकता दे रही हैं जिन्हें इंग्लिश के अलावा दूसरी लैंग्वेज भी आए।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/students-are-learning-french-german-for-good-career-increasing-job-options-127535752.html
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