आरएसएस प्रमुख भागवत 2 साल बाद आ रहे रायपुर, संगठनों में कई बदलाव संभव

आरएसएस के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत इस महीने 15 और 16 अगस्त को राजधानी के प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान वे आरएसएस व सभी आनुषांगिक संगठनों के कामकाज की समीक्षा करेंगे। साथ ही, नया टास्क भी देंगे। छत्तीसगढ़ प्रांत के स्वयंसेवक सर संघ चालक के प्रवास की तैयारियों में जुट गए हैं। हालांकि कोरोना की वजह से कार्यक्रम की रूपरेखा तय नहीं की गई है। आरएसएस के सर संघ चालक भागवत एक साल के अंतराल में हर प्रांत के प्रवास पर रहते हैं। इसी तरह सर कार्यवाह भैयाजी जोशी एक साल आते हैं। पिछले साल भैयाजी जोशी आए थे, इसलिए इस बार सर संघ चालक आएंगे। हालांकि यह प्रवास कोरोना की वजह से एक महीने देरी से होगा। सामान्य स्थिति में आरएसएस व सभी आनुषांगिक संगठन मिलाकर 450 प्रतिनिधि सर संघ चालक के सामने अपने कामकाज की रिपोर्ट देते, लेकिन कोरोना को देखते हुए संख्या काफी कम हो सकती है। छत्तीसगढ़ में आरएसएस के करीब 40 संगठन काम कर रहे हैं।

भाजपा के लिए इस बार बन सकती है नई रणनीति
सर संघ चालक भागवत का प्रवास इस बार ज्यादा अहम माना जा रहा है क्योंकि छत्तीसगढ़ सरकार गाय, गोबर, सहकार, राम वन गमन पथ, कौशल्या मंदिर आदि पर काम कर रही है। गोबर खरीदी शुरू होने पर भाजपा व आरएसएस के बीच मतभेद जैसी स्थिति बनी, क्योंकि प्रांत संघ चालक बिसरा राम यादव ने योजना को सराहा, वहीं भाजपा के कई नेताओं ने विरोध किया। ऐसे में आरएसएस ऐसी रणनीति बना सकती है, जिससे मतभेद के बजाय आने वाले चुनावों के लिए भाजपा को बैकअप दिया जा सके। 2018 के चुनाव में भाजपा की हार के लिए आरएसएस की नाराजगी को भी एक कारण माना गया था। इसे भी दूर करने की कोशिश की जाएगी।



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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/rss-chief-bhagwat-coming-after-2-years-many-changes-possible-in-organizations-127606766.html

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