40 लाख की आबादी के हिसाब से सुविधाएं प्रस्तावित होंगी, सैटेलाइट नक्शों के साथ काम शुरू

अमिताभ अरुण दुबे | कोरोना लॉकडाउन के कारण शहर के मास्टर प्लान का बंद काम एक बार फिर शुरु हो गया है। नये मास्टर प्लान के लिए दो हजार से ज्यादा सैटेलाइट इमेज के जरिए शहर में जमीनी सर्वे शुरू कर दिया गया। पहली बार शहर के मास्टर प्लान का दायरा बढा़कर 503 वर्ग किलोमीटर तक किया गया है। इसमें रायपुर नगर निगम का 178 वर्ग किमी का हिस्सा भी है। मास्टर प्लान के लिए पहली बार जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल भी हो रहा है। इसके लिए हैदराबाद से 2 हजार से ज्यादा सैटेलाइट नक्शे यहां आ गए हैं। हर नक्शे में आधा किमी गुणा आधा किमी क्षेत्रफल को कवर किया गया है। यह प्लान अगले 20 साल के लिए बनाया जा रहा है, जिसमें 40 लाख की आबादी के हिसाब से सुविधाएं प्रस्तावित होंगी।
इतनी बडी़ आबादी के लिए स्कूल कालेज यातायात अस्पताल बाग बगीचे सरकारी दफ्तर आवास सड़क नाली बिजली पानी मनोरंजन स्थल आदि के क्या इंतजाम होंगे। इसका एक कंपलीट और समग्र रोडमैप बनाया जा रहा है। करीब दो करोड़ की लागत से ये काम केंद्र सरकार की गाइडलाइन के तहत मिशन अमृत प्रोजेक्ट के जरिए हो रहा है। इसमें तकनीकी सर्वे दिल्ली की टीम और एक्सपर्ट भी कर रहे हैं। लॉकडाउन के चलते ये टीम शहर में आ नहीं सकी थी अब एक बार फिर आ गई है। नगर निगम के इंजीनियरों और नगर एवं ग्राम निवेश की दो दर्जन टीमें फील्ड वर्क कर रही है। सैटेलाइट मैप में दिखाए लैंडयूज और डाटाबेस को फील्ड पर मुआयना कर इसमें करैक्ट किया जा रहा है। करेक्शन के बाद एक बार फिर हैदराबाद की संस्था एनारसीए शहर के 2000 संशोधित सैटेलाइट मैप मुहैया कराएगी इसके बाद प्लानिंग टीम एक एक हिस्से पर काम करेगी।

शहर को फायदा ऐसे

  • बड़ी आबादी के लिए पहली बार दो दशक का प्लान
  • बेतरतीबी से निजात, सड़क-नाली का बनेगा सिस्टम
  • 503 वर्गकिमी के लिए बडी़ योजना बनाने में मदद
  • सार्वजनिक यातायात और सड़क प्रबंधन में सुधार
  • 550 शीट का फील्ड सर्वे पूरा

भास्कर को मिली जानकारी के मुताबिक अब तक साढे़ पांच सौ नक्शों की शीट का फील्ड सर्वे हो चुका है। इसमें लैंड यूज को चिन्हांकित कर हैदराबाद करैक्शन के लिए भेजा गया है। दरअसल, सैटेलाइट इमेज के बाद हर नक्शे में 216 तरह के लैंड यूज दिखाए गये हैं। नक्शे में जहां स्कूल बगीचा सड़क नाली बताया गया है वो वहां है या नहीं जमीन पर यही पड़ताल व्यापक तौर पर चल रही है।
ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर फोकस
राजधानी में बीते दो दशक में पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर अब तक बड़ा काम नहीं हो सका है। सैटेलाइट मैप के जरिए एक्सपर्ट ने टाटीबंध जैसे अव्यवस्थित चौक चौराहों को भी नोटिस किया है। पार्किंग और ट्रैफिक सिग्नलों को भी अव्यवस्थित माना गया है। यातायात के साधन भविष्य में कैसे रहने चाहिए, मेट्रो जैसे बंदोबस्त कैसे होंगे, मास्टर प्लान में इसका खाका भी खींचा जाएगा।
बेतरतीब डेवलपमेंट से निजात
मास्टर प्लान पहली बार जीआई बेस्ड तकनीक पर बन रहा है। दावा किया जा रहा है कि इससे शहर के बेतरतीब विकास से काफी हद तक निजात मिलेगी। मास्टर प्लान को केंद्र की गाइडलाइन के मुताबिक अब हर दो से पांच साल में रिव्यू भी कर सकेंगे। अब तक एक दशक का प्लान ही बनता रहा है। पटवारी नक्शों में छोटे साइज का लैंड यूज कवर नहीं हो रहा था, जिस खामी को इसमें दूर किया जाएगा।

छोटे प्लाॅट पर भी फोकस
अभी तक शहर के लिए जिस तरह से एक दशक के लिए मास्टर प्लान बनाया जाता रहा है, उससे इस प्लान की संरचना ही कुछ अलग रहेगी। इसमें छोटे से छोटे हिस्से के लिए भी बारीकी से प्लान बनाया जाएगा। यानी छोटे भू-भाग का इस्तेमाल भविष्य में शहर की जरूरत के हिसाब से किस तरह उपयोगी साबित हो सकता है इसके बारे में जानकारी रहेगी। एक तरह से अगले 20 साल में मौजूदा रायपुर की जरूरतें कैसे बढ़ेंगी, मास्टर प्लान इसी पर आधारित होगा।

एक्सपर्ट व्यू
महानगर के हिसाब से टाउन प्लानिंग
आने वाले दो तीन साल में ही रायपुर और तेजी से महानगर बनने की दिशा में रफ्तार पकड़ने लगेगा। इस अनुमान के आधार पर 40 लाख से ज्यादा आबादी के लिए अगले 20 साल का प्लान जरूरी है। यातायात सिस्टम को इसके माध्यम से सुधारकर विकास की गतिविधियों पर फोकस के मुताबिक रायपुर का मास्टर प्लान बन रहा है। 216 तरह के लैंडयूज जैसे पार्किंग, अस्पताल नाली सड़क सरकारी दफ्तर सबके लिए माइक्रो लेवल पर जाकर प्लान बना रहे हैं। ताकि शहर और यहां रहने वाले लोगों की जरूरतों को पूरा कर सकें।
-संदीप बागड़े, ज्वाइंट डायरेक्टर टाउन प्लानिंग

"अब तक साढे़ पांच सौ शीट का फील्ड सर्वे कर चुके हैं। निर्धारित समय में मास्टर प्लान बनकर तैयार हो सके इस पर फोकस कर रहे हैं।"
-योगेश कडू, नोडल अधिकारी, रायपुर मास्टर प्लान



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
राजधानी में सैटेलाइट मैप के साथ अलग-अलग इलाकों में सर्वे करती टीम।


source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/plans-being-made-for-the-next-20-years-facilities-will-be-proposed-according-to-the-population-of-40-lakh-work-started-with-satellite-maps-127655930.html

Post a Comment

और नया पुराने