राज्य सरकार कैम्पा मद की 80 फीसदी राशि वृक्षारोपण में और 20 फीसदी राशि को अधोसंरचना निर्माण में खर्च करेगी। केन्द्रीय वनमंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने देश के सभी राज्यों को कैम्पा मद का इसी तरह उपयोग करने की सलाह दी है। वहीं राज्य के वन क्षेत्रों में जलसंवर्धन के लंबित 424 करोड़ रुपए के प्रस्ताव पर भी जावड़ेकर ने सहमति दी है।
केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडे़कर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी राज्यों के वन मंत्रियों की समीक्षा बैठक में की। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ में वनों के संरक्षण एवं संवर्धन सहित वनवासियों की सुरक्षा को महत्व देते हुए प्राथमिकता से कार्य कराए जा रहे कार्यों की सराहना की। छत्तीसगढ़ के वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने प्रदेश में वन विभाग के कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य में 5 करोड़ पौधों रोपण का कार्य पूर्णता की ओर है। इसके तहत अब तक 21 हजार 963 हेक्टेयर में 4 करोड़ 79 लाख पौधों का रोपण हो चुका है। अकबर ने बताया कि राज्य में 5 अगस्त 2020 से शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना लागू की गई है। इसमें राज्य के 12.50 लाख तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को शामिल किया गया है। इसी तरह राज्य में तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2018 में संग्रहित तेंदूपत्ता के लिए 238 करोड़ रूपए से अधिक की राशि का प्रोत्साहन पारिश्रमिक के वितरण का भी निर्णय लिया गया है। राज्य में चालू सीजन के दौरान अब तक देश में सर्वाधिक 74 प्रतिशत तक लघु वनोपजों की खरीदी की गई।
जिसमें संग्राहकों को 124 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। इस तरह राज्य में कोरोना संकट के विषम परिस्थिति में भी आदिवासी-वनवासी संग्राहकों को रोजगार और आय के लिए बहुत बड़ी सुविधा उपलब्ध हुई। अकबर ने बताया कि कैम्पा मद की वार्षिक कार्ययोजना 2020-21 के तहत वर्तमान में 137 नालों के 4.25 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में जल संवर्धन संबंधी कार्य प्रगति पर है। इस अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक के मुरूगन तथा कैम्पा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी व्ही श्रीनिवास राव उपस्थित थे।
नगर वन योजना की भी तैयारी, 5 स्थान चुने गए
अकबर ने बताया कि राज्य में नगर वन योजना के लिए पांच जगहों को चयनित कर लिया गया है। इनमें भिलाई के लगभग 35 हेक्टेयर, दल्लीराजहरा के 20 हेक्टेयर, अंबिकापुर, बिलासपुर तथा रायगढ़ के 50-50 हेक्टेयर क्षेत्र शामिल हैं। इसी तरह स्कूल नर्सरी योजना के तहत राज्य के 16 जिलों में 50 स्कूलों का चयन किया गया है। इसमें आबंटित 17 लाख 50 हजार रूपए की राशि में से 8 लाख रूपए से अधिक व्यय हो चुके हैं।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/80-of-campas-amount-in-plantation-and-rest-in-infrastructure-127625941.html
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