छत्तीसगढ़ इंटक एवं प्रकाश इंप्लाइज यूनियन इंटक ने भारत बचाओ दिवस मनाया। इसमें केंद्र सरकार द्वारा देश के नवरत्न औद्योगिक क्षेत्र, बैंकिंग क्षेत्र, सेवा क्षेत्र, रक्षा क्षेत्र, रेलवे एवं अन्य अति महत्वपूर्ण सार्वजनिक संपत्तियों के निजीकरण एवं श्रम कानूनों में किए जा रहे परिवर्तन का विरोध किया गया।
विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व छत्तीसगढ़ इंटक के प्रदेश अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने किया। संजय सिंह ने श्रमिकों से जुड़े मुद्दों एवं श्रम कानूनों में परिवर्तन पर अपनी बात रखी। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा सरकार तथाकथित झूठे विकास के नाम पर देश के नवरत्न सार्वजनिक उपक्रमों का सौदा कर रही है जो कि देश हित में घातक होगा। इन सार्वजनिक उपक्रमों रक्षा, रेलवे, बैंकिंग क्षेत्र का निजीकरण, विनिवेशीकरण हमें फिर से गुलामी के दौर में ले जाएगा। साथ ही श्रमिकों को महत्वपूर्ण श्रम कानूनों की राहत से वंचित करना श्रम कानूनों एवं श्रम न्यायालय को शिथिल करना,आईएलओ मानकों का उल्लंघन करना देश के निर्माता मजदूर वर्ग पर गहरा आघात है। उन्होंने कहा कि ठेकेदारी प्रथा पर रोक लगाकर रोजगार को बढ़ावा देने, श्रमिकों को पुरानी पेंशन स्कीम का लाभ देने, भविष्य निधि एवं कर्मचारी बीमा योजना को सभी उद्योगों के लिए जरूरी किया जाए तथा असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को जन वितरण प्रणाली से जोड़ा जाए। भविष्य निधि एवं बोनस के लिए पात्रता को समाप्त किया जाए तथा ग्रेच्युटी भुगतान की 15 दिन की सीमा को बढ़ाने एवं श्रमिक संघों के गठन के अधिकार पर कुठाराघात बंद करने कहा गया।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raigarh/news/intuc-protests-against-central-governments-privatization-of-navratna-127603637.html
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