जिले में कोरोना की रिकवरी रेट बेहद अच्छी है। खास बात यह है कि अस्पताल पहुंचे कोरोना के एक भी मरीज की मौत नहीं हुई है। जिले में अबतक कोरोना से संक्रमित 265 लोगों में से 224 लोग ठीक हो चुके हैं, जो लोग कोरोना से स्वस्थ होकर घर लौटे हैं उन्होंने अपने आत्मविश्वास के दम पर इस जंग को जीता है,। क्योंकि कोरोना की कोई दवा अब तक तैयार नहीं हुई है। जो लोग ठीक हुए हैं, वो भी लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहे हैं, क्योंकि कोरोना की वजह से उन्हें ऐसे हालातों का सामना करना पड़ा है जिसकी कल्पना भी उन्होंने कभी नहीं की थी।
दो दिन में पांच मरीज हुए ठीक
शहर के एमसीएच बिल्डिंग में बने कोविड-19 अस्पताल में कोरोना मरीजों का इलाज चल रहा है। बीते दो दिन में यहां से पांच मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है। शनिवार को यहां से तीन मरीज और रविवार काे देा मरीज डिस्चार्ज किए गए। जिले के कोविड-19 अस्पताल में अबतक 131 मरीज भर्ती किए गए हैं। जिसमें से 88 को ठीक कर डिस्चार्ज किया जा चुका है। वर्तमान में यहां 43 मरीजों का इलाज चल रहा है।
देश के दुश्मनों को हराना है तो फिर कोरोना क्या चीज है
बगीचा विखं की शालिनी तिर्की ने कोरोना से जंग जीत ली है। 22 वर्षीय सालिनी तिर्की बीएसएफ की ट्रेनिंग के लिए गई थी। वहां से वह रांची होते हुए गांव लौटी थी और रास्ते में कोरोना से संक्रमित हुई। सालिनी ने बताया कि जैसा कोरोना के बारे में बताया जा रहा था, वह काफी डर गई थी, पर बीएसएफ की ट्रेनिंग में इतना हौसला मिला था कि वह वायरस को हरा सके। शालिनी ने कहा कि मैंने देश के दुश्मनों को हराने का सपना देखा है तो कोरोना से जंग भला कैसे हार सकती थी।
अब सतर्क रहने में ही भलाई
पत्थलगांव में कोरोना संक्रमित मिला झारखंड निवासी अनिल कुमार मिस्त्री भी अब ठीक हो चुके है। अनिल मिस्त्री पेंटर है और वह पत्थलगांव आकर काम कर रहा था। उसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। अनिल मिस्त्री ने कहा कि वह कब कैसे संक्रमित हुआ कुछ पता नहीं चला। जब खुद को कोरोना पॉजिटिव पाया तो डर गया था। पर अस्पताल में जो काउंसिलिंग की कई, वह बहुत काम आई। अस्पताल कर्मचारियों का व्यवहार और देखभाल ने उसे स्वस्थ होने में मदद की। सभी सतर्क रहें क्योंकि कोरोना मरीज होकर ठीक होने और संक्रमण से बचे रहने में बहुत अंतर है।
डॉक्टरों की हौसला अफजाई से स्वस्थ हुआ अब वे ही भगवान
कुनकुरी के रायकेरा का रहने वाला प्रणय तिर्की भी ठीक हो चुके है। प्रणय ने बताया कि वह परिवार के एक सदस्य का इलाज कराने भोपाल गया था और वहीं संक्रमण का शिकार हो गया था। जब खुद को कोरोना पाया तो लगा कि अब सब कुछ खत्म। इसका कोई इलाज ही नहीं है। वह दिन रात अपने गॉड को याद कर रहा था, पर डॉक्टरों की मेहनत और हौसला आफजाई के बलबूते ऐसा लगा कि कोरोना काल में डॉक्टर ही भगवान है।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raigarh/jashpur/news/same-message-for-people-always-be-alert-dont-be-afraid-if-infected-127603643.html
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