पीडीएस चावल गड़बड़ी को दबाने की कोशिश, जांच टीम ने दुकान से जब्त नहीं की सीसी कैमरे की फुटेज

2 दिन पहले सिविल लाइन पुलिस ने 27 क्विंटल चावल जब्त किया था। जिसे पीडीएस का चावल बताया गया था। इस मामले में शनिवार को खाद्य विभाग ने जांच की और अब इस मामले को दबाने की कोशिश भी शुरू हो गई है। वार्ड नंबर 21 गुरु घासीदास नगर के दुकान क्रमांक 40 1000 1010 रसपाल महिला स्व सहायता समूह द्वारा संचालित है। जिसका संचालन बीजेपी के पूर्व पार्षद अनुज टंडन के भतीजे के द्वारा किया जाता है। इस दुकान का ही पीडीएस का चावल होना बताया गया था। इसलिए खाद्य विभाग की टीम ने वहां जांच की लेकिन दुकान में लगे सीसी कैमरे का फुटेज दुकान संचालक से जब्त नहीं किया।

जांच टीम में सहायक खाद्य अधिकारी राजेश शर्मा के साथ ही उस क्षेत्र के फूड इंस्पेक्टर अजय मौर्य और दो इंस्पेक्टर शामिल थे। सीसी कैमरा फुटेज जब्त नहीं करने से इस मामले में लीपापोती की कोशिश किए जाने की आशंका जताई जा रही है। पीडीएस का चावल होने की जानकारी मिलने के बाद खाद्य विभाग ने इस मामले की जांच की है। लेकिन इस गंभीर मामले में भी खाद्य विभाग के अधिकारी लीपापोती में जुट गए हैं।

आशंका जताई जा रही है कि टैबलेट में सब कुछ ठीक होना बताकर दुकान संचालक को हरी झंडी दे दी जाएगी। इस मामले में लीपापोती की कोशिश इसलिए की जा रही है क्योंकि यदि चावल पीडीएस का होना बताया जाता है तो विभाग की बदनामी होगी और राशन दुकानों में वर्षों से चल रही पीडीएस चावल की हेराफेरी साबित हो जाएगी। जानकारों की मानें तो यदि टैबलेट की जांच की जाएगी तभी यह पता चल जाएगा कि यह 27 क्विंटल चावल की गड़बड़ी कैसे हुई।

नियमानुसार किसी भी राशन कार्डधारी को चावल दिए जाने के पहले टैबलेट में इसकी एंट्री की जाती है यदि एंट्री नहीं हुई है और तब तो यह साबित हो जाता है कि चावल की हेराफेरी करने की ही नियत थी। हालांकि अभी तक जांच टीम ने रिपोर्ट नहीं सौंपी है लेकिन जांच टीम की हरकत से तो यही लग रहा है कि मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।

बता दें कि चावल प्लास्टिक बोरी में था और मोहल्ले वालों ने पुलिस को फोन कर मालवाहक ऑटो में राशन दुकान का चावल बाजार में बेचने के लिए लेकर जाने की शिकायत की थी। इसके बाद पुलिस ने ऑटो और चालक को पकड़ा। इस मामले में खाद्य नियंत्रक एच. मसीह से संपर्क किया गया लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।

फुटेज नहीं देने पासवर्ड भूलने का बहाना बनाया

बताया जा रहा है कि दुकान संचालक ने सीसी कैमरे का फुटेज न देना पड़े इसलिए कंप्यूटर का पासवर्ड भूलने का बहाना बनाया। इस बात को जांच टीम ने मान लिया और फुटेज जब्त किए बगैर ही लौट आई। सवाल ये है कि ऐसा कैसे हो सकता है कि पासवर्ड भूल जाए और यदि भूल गए तो जांच टीम ने किसी तकनीकी व्यक्ति को बुलाकर पासवर्ड तुड़वाकर फुटेज जब्त क्यों नहीं किया।



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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/bilaspur/news/pds-tried-to-suppress-rice-mess-investigation-team-did-not-seize-cc-camera-footage-from-the-shop-127670299.html

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