एक ओर जहां कोरोना संक्रमण का दहशत है तो दूसरी ओर मौत के बाद भी लोगों को यह दर्द दे रहा है। मृतकों को न तो अपनों के कंधे नसीब हो रहे हैं और न ही शांति और विधि-विधान से अंतिम संस्कार हो पा रहा है। रविवार को ऐसा ही एक मामला जिले में हुआ।
जब शनिवार की रात कोविड हॉस्पिटल में मृत हुए कोरोना संक्रमित बिजली कर्मी का शव अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जा रहा था। दैहानपारा (बालको नगर) के समीप चिन्हित जगह पर शव वाहन के पहुंचने से पहले ही लोगों की भीड़ ने रोक दिया। वे क्षेत्र में कोरोना संक्रमितों के शव का अंतिम संस्कार का विरोध कर रहे थे। भीड़ में ज्यादातर महिलाएं थी जिनके हाथों में डंडा था।
इसकी सूचना अफसर और पुलिस कर्मी पहुंचे। इस दौरान भीड़ विरोध करते हुए वे मार्ग पर बैठ गई और प्रशासन-पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगी। अधिकारियों ने भीड़ के बीच शव वाहन व एक्सीवेटर घुसाने की कोशिश की। लेकिन भीड़ हटने के बजाए उग्र होने लगी। तब पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिए लाठियां बरसाईं। करीब छह घंटे की जद्दोजहद के बाद अंतिम संस्कार हुआ।
लाठीचार्ज नहीं हुआ, भीड़ को खदेड़ा: डीएसपी
डीएसपी हेड क्वार्टर रामगोपाल करियारे के मुताबिक प्रशासन द्वारा कोरोना से मृत मरीजों के शव के अंतिम संस्कार के लिए स्थान निर्धारित है। जिसके लिए ले जाया जा रहा था। इस दौरान भीड़ ने रास्ता रोककर विरोध-प्रदर्शन व नारेबाजी की। लोग नहीं माने। शाम होने के करीब थी। इसलिए भीड़ को पीछे हटाना पड़ा। इस दौरान भीड़ में महिलाओं ने डंडा रखा था उसे ही पकड़कर पीछे खदेड़ा गया। लाठीचार्ज नहीं किया गया।
लोगों में कोरोना को लेकर दहशत इसलिए कर रहे हैं विरोध
मंगलवार को किया था पहले शव का अंतिम संस्कार
दैहानपारा के पास प्रशासन द्वारा कोरोना से मृत मरीजों के लिए स्थल चिन्हित किया गया है। जहां मंगलवार को शहर की पहली कोरोना से मृत बुजुर्ग महिला के शव का अंतिम संस्कार किया गया था। जिसकी जानकारी होने के बाद वार्ड पार्षद गंगाराम भारद्वाज के नेतृत्व में लोगों ने विरोध किया था।
मारपीट की निंदा, विरोध रहेगा जारी: पार्षद
दैहानपारा वार्ड-37 के पार्षद गंगाराम भारद्वाज के मुताबिक लोग कोरोना से मृत लोगों के शव का वार्ड के समीप अंतिम संस्कार किए जाने से भयभीत है। इसलिए विरोध किया जा रहा है। स्थल परिवर्तन की बजाए दूसरे शव का अंतिम संस्कार कराने के लिए प्रशासन-पुलिस द्वारा लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। विरोध जारी रहेगा।
परिजन आखिरी बार भी नहीं देख पाते अपनों का चेहरा
कोरोना से मौत के बाद संक्रमण न फैले इसके लिए कोविड-19 प्रोटोकॉल से मेडिकल टीम ही मृतक के शव का अंतिम संस्कार करती है। इस दौरान परिजन आखिरी बार भी अपनों का चेहरा देख नहीं पाते हैं। पावर हाउस रोड निवासी महिला की कोरोना से मौत के बाद भी दैहानपारा के समीप शव का दाह संस्कार परिजन दूर बैठकर देखते रहे।
प्रशासन दूसरी जगह का करेगा चयन: महापौर
महापौर राजकिशोर प्रसाद के मुताबिक नगर निगम अंतर्गत दैहानपारा के पास कोरोना से मृत मरीजों के शव का अंतिम संस्कार करने का लोग विरोध कर रहे हैं। इस संबंध में स्थानीय पार्षदों ने भी विरोध करते हुए स्थान परिवर्तन की मांग की है। इस संबंध में एसडीएम से कहा गया है। उन्होंने बताया कि जनमानस की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा दूसरे जगह का चयन किया जाएगा।
स्थल को लेकर लोगों का विरोध, विचार किया जाएगा
कलेक्टर किरण कौशल के मुताबिक कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए कोरोना संक्रमण से मृत हुए लोगों के अंतिम संस्कार के लिए दैहानपारा के समीप स्थल चिन्हित किया गया है। जहां मृतकों का अंतिम संस्कार कराया गया है। स्थल को लेकर लोग विरोध करते हुए दूसरे स्थान चयन की मांग कर रहे हैं। इसके लिए सर्वे किया जाएगा। आप्शन मिलने पर उसपर विचार किया जाएगा।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/bilaspur/korba/news/police-protest-lathicharge-of-funeral-of-dead-person-from-corona-cremation-after-6-hours-127670343.html
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