मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहली महिला सांसद मिनीमाता ने अपना पूरा जीवन मानव समाज के उत्थान और महिलाओं को अधिकार दिलाने के लिए समर्पित कर दिया। यह बातें उन्होंने अपने निवास पर मिनीमाता की पुण्य तिथि के मौके पर कहीं। यहां आयोजित एक कार्यक्रम में सीएम, मंत्री शिव डहरिया के साथ राजेंद्र नगर इलाके में बने मिनीमाता भवन में हो रहे कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जुडे। यहां सांस्कृतिक भवन परिसर में लगभग 44 लाख रुपए की लागत से तैयार मिनीमाता स्मृति वातानुकूलित भवन का लोकार्पण किया गया। यह कार्यक्रम इलेक्ट्रॉनिक तरीके से हुआ। सीएम ने सिविल लाइंस स्थित निवास में ही वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अपना संबोधन दिया।
कौन हैं मिनी माता
1950 के दशक में मिनी माता छत्तीसगढ़ से सांसद बनीं थीं। श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने बताया कि मिनीमाता ने स्वतंत्रता संग्राम में भी योगदान दिया। उन्होेंने सामाजिक कुरीतियों, छूआ-छूत, बाल विवाह, गरीबी, दहेज प्रथा उन्मूलन के क्षेत्र में कार्य किया। लोगों की तकलीफ दूर करने और उनको न्याय दिलाने के लिए वे स्वयं पहल करती थीं। उन्होंने दबे, कुचले, शोषित समाज की आवाज बुलंद की। संसद में अस्पृश्यता निवारण अधिनियम को पारित कराने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई। छत्तीसगढ़ के हसदेव बांगो बांध का नामकरण मिनीमाता के नाम पर जल्द ही किया जाएगा।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/news/chief-minister-bhupesh-baghel-inaugurated-minimata-bhavan-raipur-chief-minister-bhupesh-baghel-minimata-death-anniversary-127607592.html
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