छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन राज्य के पहले सीएम अजीत जोगी समेत दिवंगतों को श्रद्धांजलि दी गई। सीएम भूपेश बघेल ने अजीत जोगी को याद करते हुए कहा कि अजीत जोगी जीते जी एक मिथक, एक किंवदंती बन गए थे। हार्ट, ओपन हार्ट सर्जरी और इतने बड़े एक्सीडेंट के बाद डॉक्टर कहते थे कि वो दस साल से ज्यादा नहीं जी पाएंगे उन्होंने अपनी इच्छाशक्ति से मेडिकल साइंस को भी फेल कर दिया था।
मानसून सत्र मंगलवार से शुरू हुआ। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही स्पीकर डाॅ. चरणदास महंत ने निधन का उल्लेख करते हुए पहले सीएम जोगी समेत सभी दिवंगतों काे श्रद्धांजलि दी। सीएम भूपेश ने कहा कि मरवाही जैसे सुदूर अंचल से निकलकर अपनी जीजीविषा, इच्छाशक्ति और सक्रियता के दम पर वे राष्ट्रीय राजनीति में भी सफल रहे। सीएम ने कहा कि वे चाहे सत्ता में रहे हों या फिर विपक्ष में प्रदेश की राजनीति उनके इर्द-गिर्द ही रही। बघेल ने कहा कि जोगी हमेशा कहते थे कि मैं सपनों का सौदागर हूं। उन्होंने विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ का सपना देखा था। वे हमेशा सर्वहारा वर्ग के हितों के लिए संघर्ष करते रहे। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही को जिला बनाए जाने से वे बेहद खुश थे। उन्होंने इसके लिए मुझे धन्यवाद भी दिया था। सीएम ने कहा कि एक मुख्यमंत्री के रूप में अच्छे वित्तीय प्रबंधन के साथ उन्होंने राज्य की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव रखी जिसके कारण छत्तीसगढ़ का अपने साथ गठित अन्य राज्यों की तुलना में तेजी से विकास हुआ। सदन में केशव चंद्रा, अजय चंद्राकर, अमरजीत भगत, कवासी लखमा, मनोज मंडावी, बृजमोहन अग्रवाल, शैलेश पांडेय, टीएस सिंहदेव, मोहम्मद अकबर, नारायण चंदेल, अमरजीत भगत ने श्रद्धांजलि दी। इससे पहले कोरोना से बचाव के लिए सभी विधायकों की जांच की गई। सदन के भीतर भी फिजिकल डिस्टेंसिंग के साथ बैठने की व्यवस्था की गई है। सदन में विधायक मास्क पहनकर पहुंचे थे।
डेढ़ साल में ही बहुत कुछ कर दिया : चौबे
संसदीय कार्यमंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि विधानसभा का वर्तमान स्वरूप उन्हीं की सोच है। उन्हें सरकार में काम करने का बहुत कम अवसर मिला। तीन साल में उन्हें सिर्फ डेढ़ साल ही काम करने मिला, जिसमें उन्होंने बहुत कुछ कर दिया। तेंदूपत्ता नीति, धान खरीदी जैसी कई नीतियां उन्होंने बनाई। लॉ यूनिवर्सिटी भी उनकी ही देन है। वे एक बार जो तय कर लेते थे वे उसे पूरा करके ही रहते थे।
जीवन कम पड़ा, जारी रहा संघर्ष: कौशिक
नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि वे बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। कलेक्टर के रूप में काम करते हुए राजनीति के क्षेत्र से उनका जो लगाव बना, उसे सब जानते हैं। हिंदुस्तान की राजनीति में ऐसा कोई राजनेता नहीं होगा जिनकी अजीत जोगी से व्यक्तिगत संबंध नहीं रहे हों। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व हमारे सामने हैं। जीवन में संघर्ष उनके साथ हमेशा बना रहा। कौशिक ने कहा कि उनका जीवन कम पड़ गया लेकिन संघर्ष खत्म नहीं हुआ।
शरीर कमजोर, इरादा था फौलादी: धर्मजीत
जोगी कांग्रेस विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि वे प्रतिभावान छात्र से शिक्षक, शिक्षक से प्रशासक और प्रशासक से शासक बने। हर किसी की चाहत होती है कि डीएम, सीएम और पीएम बनने की। जोगी डीएम भी बने और सीएम भी। धर्मजीत ने कहा कि जोगी 100 साल तक जीना चाहते थे। उन्होंने कहा कि जब जोगी सीएम बने तब उनके खिलाफ उन्होंने बगावत कर दी थी। पहले जोगी से उनके अच्छे संबंध नहीं थे। वे हमेशा प्रकृति से टकराने की बात सोचा करते थे।
गुरू दक्षिणा के लिए रेणु ने दिया धन्यवाद
सदन के भीतर जब सदस्य अजीत जोगी को याद कर रहे थे तब पूरे समय उनकी पत्नी रेणु जोगी की आंखें नम थी। उन्होंने कहा कि 40 वर्ष के दांपत्य जीवन का एक लाइन में यही कहूंगी कि वो सच में सपनों के सौदागर थे। वे रात में नहीं बल्कि दिन में सपने देखते थे, उसे बुनते थे और उसे पूरा करने जी-तोड़ मेहनत करते थे। उन्होंने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला बनाने के लिए सीएम भूपेश को गुरुदक्षिणा देने के लिए धन्यवाद भी दिया। उन्होंने कहा कि सभी ने अपने संस्मरणों में जोगी को सपनों का सौदागर बताया। पहले वे उनकी आत्मकथा के नाम को लेकर चिंतित थीं, लेकिन अब इसका नाम मिल गया है। वे किताब का नाम सपनों का सौदागर ही रखेंगी।
कमजोर वर्ग के लिए हमेशा संघर्षशील रहे: महंत
स्पीकर डाॅ. महंत ने कहा कि अजीत जोगी कमजोर वर्ग खासकर अनुसूचित जाति, जनजाति और ओबीसी वर्ग के लिए हमेशा संघर्षशील रहे। उन्होंने प्राध्यापक, आईपीएस, आईएएस, सांसद, राजनेता और छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री रहते हुए देश में अपनी एक अलग पहचान स्थापित की। प्रदेश में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।
जीवटता और जीवंतता का नाम था अजीत: रमन
पूर्व सीएम डाॅ. रमन सिंह ने कहा कि अजीत जोगी ने छत्तीसगढ़ के लोगों को न सिर्फ सपने दिखाए, बल्कि सपनों के सौदागर भी रहे। ऐसे व्यक्ति विरले ही होते हैं, जो प्रशासन के साथ राजनीति में भी बेहतर साबित हों। रमन ने कहा कि जीजीविषा, जीवटता और जीवंतता का नाम ही अजीत जोगी था।
क्वारेंटाइन सेंटर में 26 की मौत, 100 करोड़ हुए खर्च
स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने शिवरतन शर्मा के लिखित सवाल के जवाब में बताया कि क्वारेंटाइन सेंटर्स में अब तक 26 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं इन सभी सेंटरों में 100 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए गए हैं। वहीं, अरूण वोरा के सवाल के जवाब में सिंहदेव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में प्रथम श्रेणी चिकित्सक के 1548 पद स्वीकृत हैं। इसमें से 1346 पद रिक्त हैं। उन्होंने बताया कि इसी तरह तृतीय श्रेणी के 8001 तथा चतुर्थ श्रेणी के 1550 पद रिक्त हैं।
44 चिटफंड कंपनियों के खिलाफ कार्यवाही: साहू
गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने धर्मजीत सिंह के सवाल के लिखित जवाब में बताया कि जनवरी 2019 से अगस्त 2020 तक प्रदेश में कुल 44 चिटफंड कंपनियों के खिलाफ कार्यवाही की गई है। वहीं धोखाधड़ी के आरोप में 42 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस काम में लगे 37 एजेंटों के खिलाफ भी अपराध दर्ज किया गया है। साहू ने बताया कि न्यायालय से चार कंपनियों के सामान की नीलामी या वसूली के आदेश पारित हुए हैं। इस प्रक्रिया से कुल 8 करोड़ 76 हजार रुपए मिले हैं, जबकि 6 निवेशकों को दो लाख रुपए से ज्यादा की रकम लौटाई गई है। वहीं, अजय चंद्राकर के सवाल के लिखित जवाब में साहू ने बताया कि राम वनगमन पथ के अंतर्गत चंदखुरी में कौशिल्या माता मंदिर के जीर्णोद्धार का काम भारत सरकार के उपक्रम टेलीकम्यूनिकेशन कंसल्टेंट इंडिया को दिया गया है। प्रथम चरण में 8.56 करोड़ की निविदा प्रक्रियाधीन है।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/news/cm-said-jit-ji-myth-had-become-legend-jogi-failed-medical-science-127653499.html
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